मुख्यपृष्ठसमाचारमाहिम कोलीवाड़ा वासियों ने किया इंकार: नहीं चाहिए `कुरार पैटर्न'!

माहिम कोलीवाड़ा वासियों ने किया इंकार: नहीं चाहिए `कुरार पैटर्न’!

  • मदद के लिए आगे आई शिवसेना
  • मनपा से मिला सकारात्मक प्रतिसाद

सामना संवाददाता / मुंबई
माहिम-कोलीवाड़ा स्थित मीठी नदी पर पुल विस्तारीकरण में प्रभावित होने वाले आवासों में रह रहे लोगों ने कहा है कि उन्हें `कुरार पैटर्न’ नहीं चाहिए। बता दें कि आवास के ऊपर अतिरिक्त निर्माण कर पुनर्वास की समस्या को दूर करने वाले मनपा के प्रस्ताव को यहां योजना प्रभावितों ने ठुकरा दिया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि माहिम कोलीवाड़ा परिसर में हम वर्षों से रह रहे हैं। हमारी रोजी-रोटी भी यहीं से चलती है इसलिए हमें दादर-माहिम क्षेत्र में ही घर दें। इस तरह की मांग निवासियों ने की। इसके बाद शिवसेना मदद के लिए आई, जिसका मनपा ने अच्छा प्रतिसाद दिया। दूसरी तरफ मनपा द्वारा निवासियों के आधे घरों को तोड़े जाने का नोटिस भेजे जाने की जानकारी होते ही १९ निवासियों के आवासों की समस्या को सुलझाने के लिए शिवसेना मदद के लिए आगे आई। इसके चलते मनपा ने संबंधित निवासियों को उनके क्षेत्र में ही आवास देने का सकारात्मक प्रतिसाद दिया। यह जानकारी स्थानीय पूर्व नगरसेवक मिलिंद वैद्य ने दी।
१९ घरों के लिए हुई समस्या
माहिम में मीठी नदी पर बने पुल का चौड़ीकरण मनपा के माध्यम से किया जा रहा है। इसे पहले माहिम कॉजवे कोलीवाड़ा, जनरल अरुण कुमार वैद्य मार्ग से चौड़ा किया जाएगा। लेकिन इस काम में १९ घरों के लिए समस्या खड़ी हो गई है। मनपा ने सुझाव दिया है कि इन आवासों को आधा तोड़ कर इसे डबल कर दिया जाए।
शिवसेना ने मनपा के साथ की बैठक
हालांकि अगर पहले से ही छोटे आकार के इन घरों को आधा तोड़ा जाता है तो निर्माण को भी खतरा होगा। वर्षों से वहां रहने वाले निवासियों के आवास पहले ही डबल कर दिए गए हैं इसलिए इस विकल्प से नुकसान भी होगा। इसको लेकर शिवसेना की ओर से मनपा के साथ हुई बैठक में मांग की गई कि सभी संबंधित निवासियों को उनके मौजूदा घरों के पास ही मकान दिए जाएं।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर विभाग के संगठक शशि फड़ते, पूर्व शाखाप्रमुख रवींद्र पाटील, उपशाखाप्रमुख उत्तम मेहेर, अजय मेहेर, सुरेश मोरे, विनय आव्रेâ आदि उपस्थित थे। इस बीच सात दिनों में घरों को तोड़ने की भेजी गई नोटिस वापस लिए जाने की मांग भी की गई।

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