मुख्यपृष्ठस्तंभमैथिली व्यंग्य : नबका शिक्षा प्रणाली

मैथिली व्यंग्य : नबका शिक्षा प्रणाली

डॉ. ममता शशि झा मुंबई

रुचि के इंटरनेशनल स्कूल में भाषा शिक्षिका के रूप में चयन भेला पर अत्यधिक प्रसन्न छली। सोचलईथ जे भाषा के शिक्षक भेनाई बहुत भाग्यक बात, बहुत किछु सीखा सकई छी विद्यार्थी के। मुदा पंद्रहे दिन में पहिल पी.टी.ए. मीटिंग में रुचि के शिकायत अभिभावक सब क देलकनी, बेसी पढ़ाब के कारण!! ओकरा सब के शिकायत छलई जे आउट ऑफ सिलेबस कीयेक पढ़ाबई छथिन रुचि मैडम, ओ आश्चर्यचकित भ गेली, कियेक त कविता पढ़ाब काल में उदाहरण के रूप में ओ दू टा कविता पढ़ा देने छलखिन्ह।
रुचि अपन माथा पीट लेलथी। सब के कक्षा में अनुशासित राखि क नीक जकां पढ़बई छलखिन्ह, ताहि से बच्चा सब परेशान, कियेक त येतेक ध्यान से ट्यूशन में पढ़ के आदत छलई, स्कूल त सिर्फ समय बीताब लेल आबई छला।
प्रिंसिपल रुचि के एच.ओ.डी. रत्ना मैडम के बजा क रुचि के ओहि बड़का स्कूल के पद्धति बुझा देब लेल कहलखिन।
रुचि जहन ओ रत्ना मैडम के सामने जा क बैसली त मैडम के स्थिर चेहरा पर मंद-मंद मुस्कान छलनी, ओ रुचि हुनका पुछलखिन ‘मैडम हमर की गलती अछी?’
भाषा शिक्षिका के रूप में कि विद्यार्थी के उच्चारण के सही केनाई, ओकरा पढ़ाब काल में अलग-अलग कहानी आ कविता सिखेनाई, मात्रा के शुद्ध केनाई गलत तरीका छई पढाब के?
‘हाँ, गलत बात छई आई के समय में।’ रत्ना मैडम कहलखिन।
रुचि के चेहरा के सप्रश्न भाव देखि क हुनका बुझाब के लहजा में अपन अनुभवक निचोड़ रुचि के कहलखिन ‘अहिं क्लास में सब किछु करा देबई त बच्चा ट्यूशन में की पढ़तई?’ उच्चारण के लेल डिक्शन क्लास, वैल्यू एजुकेशन के लेल स्टोरी टेलिंग क्लास, पोएट्री रेसिटेशन कंपटीशन में स्कूल के रिप्रेजेंट कर लेल पोएट्री रेसिटेशन क्लास, आ मात्रा के शुद्धता के लेल समय-समय पर लेखन कार्यशाला के आयोजन करवायल जाईत छई। स्कूल के अहि सब क्लास बला सबके संगे टाईअप रहई छई। रुचि प्रश्न केलाखिन’त स्कूल में शिक्षक के की जिम्मेदारी छई? रत्ना मैडम बुझेलखीन ‘क्लास में प्रेजेंटेबल बनी क जाऊ, पाठ्यक्रम पूरा कराउ, क्वेश्चन बैंक बना क दिययु विद्यार्थी के, ओकरे रटाऊ, होमवर्क दीययु, जाहि स विद्यार्थी के लग ट्यूशन में कर लेल किछु काज होई।’
रुचि अबाके रही गेली!!

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