" /> काल के गाल में – ‘मालवणी दुर्घटना’

काल के गाल में – ‘मालवणी दुर्घटना’

पहली बरसात अक्सर मुसीबत लेकर आती है। मंगलवार की रात से शुरू भीषण बारिश ने बुधवार को मालाड के मालवणी में कहर बरपाया। इस कहर में पूरा परिवार ही काल के गाल में समा गया। मालवणी पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त मकान रफिक सिद्दीकी (४५) का था। वह उस मकान की दूसरी मंजिल पर अपनी बीवी रहिसा बानो (४२) और गोद लिए हुए बेटे जुनैद (१५) के साथ रहते थे। घटना के समय रफिक दूध लेने तो जुनैद दवाखाने गया था इसलिए दोनो आज जिंदा हैं। इस हादसे में रफिक के छोटे भाई सफिक सहित उसके परिवार के सभी ८ सदस्य काल के गाल में समा गए। उसके अलावा उस घर में किराए पर रहनेवालों के तीन बच्चों की मौत हुई है। रोड के दूसरी तरफ के जिन ६ मकान मलबे की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उसमें से एक में यादव परिवार दूध बेचता था। उसी परिवार के एक सदस्य की लाश कल शाम को करीब ५ बजे मलबे से बाहर निकाली गई।
रफिक सिद्दीकी का प्लॉट नंबर ७१ के अलावा बगल के प्लॉट में भी एक तीन मंजिला मकान है। वह उन्होने भाड़े पर दे रखा है। इसके अलावा एसेल वल्र्ड में वह खाने-पीने का स्टॉल चलाते हैं। इस घटना के बाद सबसे पहले शिवसेना विभागप्रमुख सुधाकर सुर्वे, उपविभाग प्रमुख प्रकाश मादलकर, अजीत भंडारी, शाखा प्रमुख जॉन डेविड सहित अन्य शिवसैनिकों के साथ पहुंचकर राहत कार्यों का जाएजा लिया। तदुपरांत महापौर किशोरी पेडणेकर थोड़ी देर बाद मालाड के विधायक व मुंबई शहर के पालकमंत्री असलम शेख भी घटनास्थल पर उपनगर जिला अधिकारी के साथ पहुंचे थे। उसी दौरान महापौर तथा पालकमंत्री असलम शेख ने पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपए मुआवजे के तौर पर देने का एलान किया, साथ ही घायलों को मुफ्त इलाज किए जाने का वादा भी किया। इसके अलावा वैâबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने भी घटनास्थल का दौरा किया। गौरतलब हो कि पिछले साल जुलाई में इसी तरह की घटना यहां हुई थी।
१५ मिनट मलबे में दबी रही रुबीना, बेटों ने बचाया
रोड के दूसरी तरफ के जिन ६ मकानों पर रफिक के मकान का मलबा गिरा था, उसमें एक घर रुबीना शेख का भी था। मलबे के नीचे अपने घर में वह भी दब गई थी। उसका बेटा तौफीक स्थानीय लोगों की मदद से मां को मलबे से बाहर निकलने में कामयाब रहा। वह लगभग १५ मिनट तक मलबे के नीचे दबी रहीr। ज्यादा चोट न आने के कारण कल सुबह उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। वह अपने घर को देख कर बार-बार रो रही थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि बरसात के मौसम में वह बेटे के साथ कहां सिर छुपाएगी? बुधवार को हुए इस दर्दनाक हादसे को लेकर मालवणी पुलिस ने मकान मालिक सहित कॉन्ट्रेक्टर पर लापरवाही का मामला दर्ज किया है।
मृतकों में मकान मालिक रफिक की बीवी रहिशा सिद्दीकी (४०), उसका छोटा भाई सफिक मो. सलीम सिद्दीकी (४५), सफिक की बीवी इशरत सिद्दीकी (४०), सफिक के बच्चे तौसीफ सिद्दीकी (१५), ताहेस सिद्दीकी (१२), अलीशा सिद्दीकी (१०), अशिफा सिद्दीकी (६), अलिना सिद्दीकी (६), अलफिसा सिद्दीकी (डेढ़ वर्ष) के अलावा किराए पर रहनेवाले परिवार के दो लोग साहिल सैयद सरफराज (९) और जॉन कुमार वेंकटेश इर्रान्ना (१३) का समावेश है। इसी प्रकार मारिकुमारी हिरंगना (३०) की हालत गंभीर बनी है। धनलक्ष्मी बेबी (५६), सलीम शेख (४९), रिजवाना सैयद (३३), सूर्यमणि यादव (३९), करीम खान (३०), गुलजार अहमद अंसारी (२६) की हालत मनपा के कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल में स्थिर बनी हुई है।