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`मामा’ सरकार और चुनाव आयोग जवाब दें, रेवड़ी कल्चर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का कड़क आदेश!… जनहित याचिका को लेकर भेजा नोटिस

सामना संवाददाता / भोपाल

इस साल नवंबर-दिसंबर में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों से पहले केंद्र की भाजपा और उसकी राज्य सरकारें जबरदस्त पैसे उड़ा रही हैं। राज्यों में जनता को लुभाने के लिए योजनाओं के नाम पर मुफ्त की रेवड़ियां बांटने में जुटी हैं। खासकर मध्य प्रदेश की मामा सरकार वादे करने में सबसे आगे है। हद की बात तो यह है कि चुनाव में इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, इन पर कोई लगाम नहीं लगा रहा है। अब मुफ्त की रेवड़ी कल्चर को लेकर एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। इस याचिका में कहा गया है कि मध्य प्रदेश सरकार चुनाव से पहले मुफ्त की रेवड़ियां बांट रही है। इन पर रोक लगाई जाए। इसे लेकर अब सुप्रीम कोर्ट ने एमपी, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी करके कड़क आदेश दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने ४ सप्ताह में जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे बी पारधीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने जनहित याचिका पर केंद्र, निर्वाचन आयोग तथा भारतीय रिजर्व बैंक को भी नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राज्य की सरकार मतदाताओं को प्रलोभन देने के लिए करदाताओं के पैसों का दुरुपयोग कर रही हैं। याचिकाकर्ता की पैरवी करने वाले वकील ने कहा, ‘चुनाव से पहले सरकार द्वारा नकदी बांटने से ज्यादा खराब और कुछ नहीं हो सकता। हर बार यह होता है और इसका बोझ आखिरकार करदाताओं पर आता है।’ कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इसके साथ ही कोर्ट ने इस विषय पर चल रही अन्य याचिकाओं को भी एक साथ जोड़ दिया है। अब सभी मामलों की सुनवाई एक साथ होगी।

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