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मनपा हुई सख्त! मराठी भाषा में हो दुकानों के बोर्ड

  • नहीं मिलेगी मोहलत, बदलो बोर्ड की भाषा
  • ३० जून तक का है अल्टीमेटम
  • एक जुलाई से मनपा करेगी कार्रवाई

सामना संवाददाता / मुंबई
महानगर क्षेत्र में दुकानों, कंपनियों  और संस्थानों पर लगे बोर्ड को अब मराठी भाषा में लगाना ही एकमात्र विकल्प होगा। मनपा ने दुकानों पर मराठी भाषा में बोर्ड लगाने को लेकर कुछ दुकानदार एसोसिएशन की मांग खारिज कर दी है और अब सख्ती बरतने का फैसला  किया है। इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए मनपा के अतिरिक्त आयुक्त आशीष शर्मा ने कहा कि मनपा ने दुकानों कंपनियों  और संस्थानों के बोर्ड मराठी में लगाने को लेकर पहले ही तीन बार मोहलत दे चुकी है। अब और कोई मोहलत देने का विचार नहीं है। एक जुलाई से नियमों की अनदेखी करनेवालों पर कार्रवाई शुरू होगी ।
बता दें कि राज्य सरकार ने कानून पारित कर मराठी भाषा के संवर्धन के लिए राज्य में सभी दुकानों, कंपनियों  एवं अन्य संस्थानों के बोर्ड को मराठी भाषा में लगाने को अनिवार्य किया है। सरकार के इस कानून को जगह-जगह लागू किया जा रहा है। मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में भी इसे लागू करने का निर्णय लिया गया है। मनपा ने पहले ३१ मई तक सभी को मराठी भाषा में बोर्ड लगाने का अल्टीमेटम दिया था। उसके बाद अल्टीमेटम को १० दिनों के लिए बढ़ा दिया। फिर से उन्हें मोहलत देते हुए अल्टीमेटम की अंतिम तारीख ३० जून तक कर दी गई।
लेकिन दुकानों पर मराठी भाषा में बोर्ड लगाने को लेकर मनपा की ओर से दिए गए अंतिम अल्टीमेटम के बाद फिर कुछ दुकानदार एसोसिएशन ने मनपा से और मोहलत की मांग की थी। मनपा ने इन्हें अब और मोहलत देने से इनकार किया है।
इस बारे में आशीष शर्मा ने कहा कि सभी दुकानों के बोर्ड मराठी में लगाने का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है। लेकिन कुछ दुकानदार मनपा से और मोहलत चाह रहे हैं, जिसे मनपा ने नकार दिया है। इन्हें पहले ही इस मामले में काफी सहूलियत दी जा चुकी हैं अब और सहूलियतें देने की गुंजाइश नहीं है। ऐसे में लोगों को अब अपनी दुकानों, कंपनियों और संस्थानों के बोर्ड मराठी भाषा में लगाना अनिवार्य होगा। १ जुलाई से इस संदर्भ में मनपा के कर्मचारी जगह-जगह निरीक्षण कर नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई करेंगे।

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