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मनपा हुई मुस्तैद: विघ्नहर्ता को नहीं होगा ‘विघ्न’! ३५ दिनों में भरे १५ हजार गड्ढे

  • शोभायात्रा मार्गों पर विशेष नजर

सामना संवाददाता / मुंबई
विघ्नहर्ता गणेश के आगमन में कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में मनपा मुंबई में स्थित विभिन्न सड़कों पर बने गड्ढों को भरने के लिए जोरदार अभियान छेड़ रखी है। इस अभियान के तहत ३५ दिनों में १५ हजार ३१५ गड्ढों को मनपा ने भर दिया है। ऐसे में लोगों के विघ्नों को हरने वाले विघ्नहर्ता की सवारी गड्ढामुक्त सड़कों के ऊपर से होकर गुजरेगी। दूसरी तरफ गणपति के शोभायात्रा वाले मार्गों पर मनपा की विशेष नजर रखी गई है। यह जानकारी सड़क विभाग की ओर से दी गई है।
उल्लेखनीय है कि मुंबई शहर में करीब २०५५ किलोमीटर की सड़कें हैं इसमें १,०३० किलोमीटर तक की सड़कें डांबर से बनी हैं, जबकि १,०५० किमी की सड़क कंक्रीट से बनी हैं। इसमें डांबर से बनी सड़कों में बिटूमन का अंश होता है, जिसके चलते बारिश के दौरान पानी के संपर्क में आते ही डांबर की सड़कों में गड्ढे पड़ जाते हैं। ऐसे में मनपा के माध्यम से अप्रैल महीने से ही गड्ढे भरने का काम किया जा रहा है। इसके तहत अब तक २३,५६१ गड्ढों को भरा जा चुका है।
२,९७२ मीट्रिक टन कोल्डमिक्स का उपयोग
वर्ली स्थित प्लांट में मनपा द्वारा तैयार किए जा रहे कोल्डमिक्स का उपयोग सड़कों पर बने गड्ढों को पाटने में किया जा रहा है। मनपा द्वारा बताया गया है कि अब तक २९७२.३२५ मीट्रिक टन कोल्डमिक्स की आपूर्ति सभी २४ वॉर्डों में की गई है, इसके उपयोग से सड़कों पर बने गड्ढों को भरा गया है।
शिकायतों पर ४८ घंटे में कार्रवाई
मनपा द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गड्ढों को लेकर नागरिकों की तरफ से आनेवाली शिकायतों पर ४८ घंटों के भीतर कार्रवाई करते हुए उन्हें भरा जाएगा। हालांकि मनपा की तरफ से प्रयास रहेगा कि शिकायत मिलने के बाद २४ घंटों के भीतर गड्ढों को भरने का प्रयास रहेगा। दूसरी तरफ मनपा और ठेकेदारों के माध्यम से गड्ढों की तलाश कर उन्हें भरा जा रहा है।
इस तरह भरे गए गड्ढे
मनपा की तरफ से कहा गया है कि कोल्डमिक्स के जरिए २०,०५५ गड्ढों को भरा गया है। कांट्रेक्टर एजेंसियों के माध्यम से २०६२ घंटे और मनपा के सेंट्रल एजेंसियों की सहायता से १,३१० गड्ढे भरे गए हैं। इस बीच मुंबई को गड्ढामुक्त बनाने के लिए मनपा जिओ पॉलीमर, फास्ट क्युलिंग कंक्रीट और रैपिड स्पीड अस्फाल्ट जैसे तीन तरह की तकनीकों का भी उपयोग करने का फैसला  किया है। इसके लिए सात करोड़ का टेंडर भी निकाला गया है।

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