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फिर विवादों में मनपा अस्पताल : शवागार से गायब हुआ शव! … प्रशासन की उड़ी नींद

सामना संवाददाता / मुंबई
ठाणे मनपा द्वारा संचालित कलवा स्थित छत्रपति शिवाजी अस्पताल का मानों विवादों से नाता हो गया है। यहां एक विवाद खत्म नहीं होता कि दूसरा शुरू हो जाता है। एक ही दिन में १८ लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के शहर में स्थित इस अस्पताल ने पूरे राज्य का ध्यान खींचा था। घटना की जांच के लिए एक समिति नियुक्त की गई है। यह कमेटी जांच का काम कर रही है। इसी बीच इस अस्पताल में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। नौपाड़ा पुलिस द्वारा यहां रखे गए दो शवों में से एक के गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की नींद उड़ गई। हालांकि, काफी खोजबीन के बाद शव मिल गया, तब कहीं जाकर प्रशासन के जान में जान आई।
ज्ञात हो कि मनपा द्वारा संचालित कलवा स्थित मनपा के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में १० अगस्त को छह मरीजों की मौत हुई थी। इसके दो दिन बाद १२ अगस्त की शाम ८.३० बजे से १३ अगस्त रविवार सुबह १०.३० बजे के बीच अस्पताल में १८ लोगों की मौत हो गई। इसी तरह १४ अगस्त को भी चार और लोगों की मौत हुई थी। एक ही दिन में १८ लोगों की हुई इतनी मौतों के बाद यह अस्पताल पूरे राज्य में सुर्खियों में आ गया था। इस बीच अस्पताल में हो रही मौतों को लेकर डीन डॉ. राकेश बरोटे को स्पष्टीकरण देना पड़ा। उन्होंने कहा था कि यहां हर महीने इलाज के दौरान १३० से १६० मरीजों की मौतें होती हैं, जो उनके लिए सामान्य बात है। इसी बीच शुक्रवार को अस्पताल के शवागार से एक शव के गायब होने की खबर पैâलते ही एक बार फिर से हड़कंप मच गया। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिरुद्ध मालगावकर ने कहा कि अस्पताल से शव के गायब होने की मिथक खबर है। शव सुरक्षित शवागार में रखा हुआ है।
डीप फ्रीजर में एक कोने रखा गया है शव
डॉ. अनिरुद्ध मालगावकर ने कहा कि दो महीने पहले नौपाड़ा पुलिस ने सिविल अस्पताल में रखे गए लावारिश शवों को २५ जून को यहां लाया था। जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करके शवों को छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल के मोर्चरी के एक कोने में डीप प्रâीजर में रख दिया गया। इसके दो महीने बाद कल पुलिस शव को लेने आई। उस दौरान पांच में से तीन शवों का पोस्टमार्टम शुरू था। ऐसे में पुलिसवालों ने कहा कि हमें तत्काल बॉडी चाहिए, जो उस समय संभव नहीं था।

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