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ईको-फ्रेंडली गणेशोत्सव के लिए मनपा तैयार, विसर्जन के लिए ३०० कृत्रिम तालाब

सामना संवाददाता / मुंबई
इस वर्ष बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने ईको गणेशोत्सव को बढ़ावा देने की पहल करते हुए ३०० से अधिक कृत्रिम तालाब बनाने का निर्णय लिया है। इसमें २२७ वॉर्डों में से प्रत्येक में एक से दो कृत्रिम तालाब बनाए जाएंगे। इसके लिए मनपा की ओर से वॉर्ड अधिकारियों को कार्यवाही का निर्देश दिया गया है। चूंकि गणेशोत्सव १९ सितंबर से है, इसलिए मनपा ने आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार करना शुरू कर दिया है। पिछले साल की तुलना में इस बार कृत्रिम तालाबों की संख्या दोगुनी की जाएगी।
ऐसी है व्यवस्था
मुंबई में विसर्जन के लिए ३०८ कृत्रिम तालाब, ६९ प्राकृतिक विसर्जन स्थल हैं। मूर्तियां बनाने के लिए मूर्तिकारों के लिए ४५ स्थानों की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक स्थान पर कम से कम ५ से १० मूर्तिकार काम कर सकते हैं। मनपा के उपायुक्त एवं गणेशोत्सव के समन्वयक रमाकांत बिरादर ने बताया कि विसर्जन स्थल पर निर्माल्य कलश की व्यवस्था, मेडिकल टीम, लाइफगार्ड की नियुक्ति आदि की व्यवस्था की जाएगी।
आरे के प्रतिबंध को हटाओ
पर्यावरण के नाम पर आरे प्रशासन ने इस साल से आरे तालाब में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिससे गणेश भक्तों में भारी असंतोष है और भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं। जिसके बाद भक्तों की भावनाओं और कई वर्षों की परंपरा को ध्यान में रखते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के विधायक रवींद्र वायकर ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर इस प्रतिबंध को हटाने की मांग की है। इस संबंध में विधायक रवींद्र वायकर द्वारा पशु एवं डेयरी विकास मंत्री राधाकृष्ण विखे-पाटिल, सचिव तुकाराम मुंडे, आरे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाकचौरे और आरे पुलिस स्टेशन को एक पत्र भेजा गया है। रवींद्र वायकर ने पत्र में मांग की है कि प्रशासन इस प्रतिबंध को हटाए और गणेश भक्तों को राहत दे।

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