मुख्यपृष्ठखबरेंप्रतिबंधित प्लास्टिक बेचने वाले व्यापारियों पर मनपा की दंडात्मक कार्रवाई

प्रतिबंधित प्लास्टिक बेचने वाले व्यापारियों पर मनपा की दंडात्मक कार्रवाई

सामना संवाददाता / उल्हासनगर

उल्हासनगर महानगरपालिका आयुक्त अजीत शेख के मार्गदर्शन में मनपा की एक विशेष टीम ने प्रतिबंधित प्लास्टिक बेचने वाले व्यापारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से शहर के व्यापारियों में खलबली मच गई है। इस कार्रवाई को निरंतर शुरू रहने की जानकारी पर्यावरण विभाग के उपायुक्त डॉक्टर सुभाष जाधव ने दी।
नियम-कानून को ताक पर शहर के छोटे-बड़े दुकानदार धड़ल्ले से प्रतिबंधित थर्माकोल व प्लास्टिक की थैली में सामान रखकर दे रहे हैं, जो न सिर्फ शहर के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा भी बनता जा रहा है। उल्हासनगर महानगरपालिका के पर्यावरण विभाग व स्वच्छता अभियान, माझी वसुन्धरा जैसे अभियान के तहत उल्हासनगरवासियों को पर्यावरण की रक्षा की शपथ दिलाकर प्लास्टिक की रोकथाम करने का बड़े-बड़े दावे किए थे, परंतु हकीकत में तस्वीर कुछ और ही बता रहा है। शहर में प्लास्टिक थैली बनाने वाली कई कंपनियां, गोदाम, आपूर्तिकर्ता, विक्रेता, शहर के अधिकांश सब्जी विक्रेताओं, फल विक्रेताओं, खाद्य पदार्थ विक्रेता के अलावा अन्य दुकानों से दिया जा रहा प्रतिबंधित प्लास्टिक थैली के कारण नाला गटर को पूरी तरह से जाम कर देता है। उल्हासनगर मनपा प्रतिबंधित प्लास्टिक को लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर ऐसा आरोप लगने के बाद मनपा प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। बुधवार की दोपहर मनपा आयुक्त अजीज शेख के मार्गदर्शन में अतिरिक्त आयुक्त जमीर लेंगरेकर के नेतृत्व में उपायुक्त अशोक नाईकवाडे, उपायुक्त सुभाष जाधव व मनीष हिवरे, विनोद केने, एकनाथ पवार व विशाखा सावंत, विशाखा सावंत आदि की विशेष टीम ने उल्हासनगर के गोल मैदान, नेहरू चौक, गजानन मार्केट आदि इलाकों में दंडात्मक कार्रवाई की गई। यह अभियान शहर के अन्य इलाकों में भी किया जाएगा और यदि आपके पास ऐसे प्रतिबंधित प्लास्टिक थैली, अन्य सामान बेचने वाले व्यापारियों और कंपनी मालिक के बारे में जानकारी है तो उल्हासनगर मनपा प्रशासन से संपर्क करें। ऐसा अपील आयुक्त अजीज शेख व अतिरिक्त आयुक्त जमीर लेंगरेकर ने जागरूक लोगों से की है। केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा प्लास्टिक प्रतिबंध नियमों को लागू किया जाता है और उसके नियमों के अनुसार यदि निर्माता, स्टॉकिस्ट, आपूर्तिकर्ता, विक्रेता नियमों का उल्लंघन करते हैं। उनके खिलाफ महाराष्ट्र डिग्रेडेबल और नॉन-डिग्रेडेबल अपशिष्ट (नियंत्रण) अधिनियम 2006 की धारा 9 के तहत कार्रवाई होती है। इसमें पहले अपराध के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना, दूसरे अपराध के लिए 10,000 रुपये, तीन महीने तक की कैद और 25,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। आज स्वास्थय विभाग, सभी प्रभाग समिति के सहायक आयुक्त के अलावा दर्जनों लोगो ने पूरे शहर में 16 लोगो पर कार्रवाई करते हुए 48 किलो जहां प्लास्टिक जप्त किए, वहीं पर 85 हजार रुपए नगदी वसूल किए।

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