मुख्यपृष्ठनए समाचारउल्हासनगर की सड़कों पर खड़े हैं कई लावारिस वाहन

उल्हासनगर की सड़कों पर खड़े हैं कई लावारिस वाहन

सिटीजन रिपोर्टर / उल्हासनगर

उल्हासनगर ऐसा शहर है, जो कानून को नहीं मानता है। देश के काफी कानूनों को उल्हासनगर में ठेंगा दिखाया जाता है। उल्हासनगर ऐसा पहला शहर होगा, जहां अधिकांश लोगों के पास पार्विंâग नहीं होने के बावजूद वाहन खरीदते हैं और उसे सड़क पर बेतरतीब तरीके पार्वâ कर देते हैं। उल्हासनगर की सड़कों पर खड़े हुए कई वाहन आपको ऐसे दिखाई दे जाएंगे, जो कई दिनों से लावारिस खड़े हुए हैं। इन वाहनों से पेट्रोल-डीजल चोरी के सबसे अधिक मामले सामने आते हैं। ‘दोपहर का सामना’ के सिटीजन रिपोर्टर त्रिभुवन सिंह ने इस बारे में विस्तृत जानकारी दी।

भंगार वाहनों की पार्किंग बनी समस्या 

उल्हासनगर महानगरपालिका को जनसंख्या के आधार पर मनपा का दर्जा तो दिया गया है, परंतु उल्हासनगर का दायरा साढ़े तेरह किलोमीटर ही है। लघु औद्योगिक शहर होने के कारण बड़ी संख्या में बाहरी खरीदार उल्हासनगर आते हैं। स्थानीय वाहनों के बाद बाहरी वाहनों के चलते उल्हासनगर में वाहनों को ख़ड़े करने के लिए जगह नहीं बचती है। स्थिति ऐसी हो जाती है कि बड़ी-बड़ी इमारतों में पार्किंग न होने के कारण पुâटपाथों पर ही पार्किंग की जाती है। कभी-कभी तो स्थिति ऐसी हो जाती है कि वाहनों की वजह से सड़क पर भारी जाम लग जाता है। अगर यातायात पुलिस इस पर कार्रवाई करती है तो बवाल किया जाता है। उल्हासनगर में भंगार हो चुके वाहनों को अकसर शहर के गोल मैदान, बालकनजी बारी, शांति नगर से साई बाबा मंदिर तक कल्याण-बदलापुर मार्ग के अलावा अन्य सड़कों के किनारे पर खड़े हुए देखा जा सकता है। ऐसे वाहनों पर मनपा का अतिक्रमण निर्मूलन विभाग कभी-कभी दिखावटी कार्रवाई करता है। लावारिस वाहनों के कारण यातायात पुलिस और नागरिक परेशान रहते हैं। उल्हासनगर की सड़क पर भंगार, लावारिस वाहनों की पार्किंग से लोग बेहाल हैं।

नेताओं का है कब्जा 

उल्हासनगर के बारे में आम लोगों की मानसिकता है कि उल्हासनगर में जगह-जगह खाली पड़ी सरकारी जगह को मनपा प्रशासन भू माफियाओं से बचाकर यदि पार्किंग बनाती है तो उल्हासनगर की काफी समस्या खत्म हो जाएगी। आज शहर के बड़े-बड़े नेताओं के नाम जमीन हड़पने वालों की सूची में है। उस जगह पर पार्किंग बनाकर यातायात की विकट समस्या से शहर को निजात दिलाया जा सकता है। उल्हासनगर को छोड़कर अन्य शहर के नेता पार्किंग के बारे में सोच रहे हैं। उल्हासनगर के नेता सड़क पर अपने गुर्गों से अवैध पार्किंग लगवा रहे हैं और खुद शहर की सरकारी जमीन को हड़पने में लगे हैं। उल्हासनगर शहर की सड़क को नेताओं ने अवैध पार्किंग, भंगार और लावारिस वाहनों का अड्डा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। आज उल्हासनगर को बदसूरत करने में नेताओं की प्रमुख भूमिका है।

क्या कहते हैं अधिकारी?                     

उल्हासनगर के पथ निर्मूलन विभाग के सहायक आयुक्त गणेश शिंंपी का कहना है कि आए दिन शहर के विभिन्न भागों में प्रभाग एक से चार के सहायक आयुक्त, पुलिस निरंतर कार्रवाई करते हैं। भंगार, लावारिस वाहनों से मनपा के खजाने में लाखों रुपए जमा हो चुका है। इसके पहले विवादित निलंबित अधिकारी युवराज भदाने शांति नगर से सार्इं बाबा मार्ग को साफ कर दिया था और सबसे अधिक आर्थिक रकम जमा की थी। भदाने की कार्रवाई ने पूरे शहर के अवैध पार्किंग, भंगार और लावारिस वाहन मालिकों में हड़वंâप मचा दिया था।

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