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मराठी व गुजराती दूध में चीनी की तरह घुल-मिल गए हैं! -मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

सामना संवाददाता / मुंबई
`महाराष्ट्र में एक गुजराती अखबार २०० साल पूरे कर रहा है। ये है हमारा प्यार, दूध में चीनी की तरह मराठी और गुजराती दोनों एक-दूसरे में घुल-मिल गए हैं।’ ऐसा गौरवोद्गार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल व्यक्त किया। ‘दैनिक मुंबई समाचार’ की द्विशताब्दी के अवसर पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों डाक टिकट का अनावरण किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, विधानसभा के प्रतिपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि १८२२ में शुरू हुआ ‘मुंबई समाचार’ दुनिया और देश में कई घटनाओं का साक्षी है। ‘मुंबई समाचार’ को इन सभी ऐतिहासिक घटनाओं और स्वतंत्रता संग्राम के समय के समाचारों और तस्वीरों के संग्रह को सुरक्षित रखना चाहिए, ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री ने किया।
कुछ अखबार स्वतंत्रता आंदोलन में खड़े और टिके रहे। आज लोकमान्य के ‘केसरी’ को १४१ वर्ष पूरा हो गया है। लोकमान्य ने सरकार का दिमाग ठिकाने पर है क्या? ऐसा सवाल पूछा था… उन्होंने कहा कि ‘मुंबई समाचार’ या लोकमान्य का ‘केसरी’, आचार्य अत्रे का ‘मराठा’ हो, ये सब इतिहास के गवाह हैं। मैं भी ‘सामना’ अखबार चलाता हूं। अखबार चलाना मुश्किल है। अखबार कौन-कहां गलत है? उन्हें यह दिखाना पत्रकारों का कर्तव्य है और ‘मुंबई समाचार’ यह कर्तव्य बखूबी निभा रहा है, ऐसा उद्गार मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया। मैं ‘मुंबई समाचार’ को शुभकामनाएं देता हूं। आज इस समाचार पत्र के दो सौ साल पूरे हो गए हैं। अगले सौ या दो सौ वर्षों तक, इस समाचार पत्र को पत्रकार के रूप में काम करना जारी रखना चाहिए और नवीनतम तकनीक का उपयोग करना चाहिए। गुजराती और मराठी का नाता अधिकाधिक दृढ़ हो, यही मेरी शुभकामना है, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा।

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