मुख्यपृष्ठनए समाचारपत्नी की उम्र १८ या अधिक होने पर मैरिटल

पत्नी की उम्र १८ या अधिक होने पर मैरिटल

सामना संवाददाता / प्रयागराज 

‘वैवाहिक बलात्कार’ को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि ‘वैवाहिक बलात्कार’ में आरोपी होने से ‘व्यक्ति की सुरक्षा’ उन मामलों में भी जारी रहती है, जहां ‘पत्नी की उम्र १८ वर्ष या उससे अधिक है’। अदालत ने इंडिपेंडेंट थॉट बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (२०१७) के मामले में फैसले का भी हवाला दिया, जहां सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि १५ से १८ साल की उम्र के पुरुष और उसकी पत्नी के बीच कोई भी यौन संबंध बलात्कार होगा। यानी कुल मिलाकर कोर्ट का यह कहना है कि यदि पत्‍नी की उम्र १८ वर्ष से या उससे अधिक है तो मैरिटल रेप को आईसीपी के तहत अपराध नहीं माना जा सकता है। इस मामले में अदालत ने एक पति को अपनी पत्‍नी के खिलाफ ‘अप्राकृतिक अपराध’ करने के आरोप से बरी करने का आदेश दिया। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि चूंकि वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग करने वाली याचिकाएं अभी भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित हैं, जब तक शीर्ष अदालत मामले का फैसला नहीं कर देती, जब तक पत्‍नी १८ वर्ष या उससे अधिक उम्र की नहीं हो जाती, तब तक वैवाहिक बलात्कार के लिए कोई आपराधिक दंड नहीं है। वर्ष २०१३ में आरोपी के खिलाफ पत्नी ने गाजियाबाद पुलिस थाना में मामला दर्ज कराया था। गाजियाबाद की अदालत ने उक्त धाराओं के तहत उसे दोषी करार दिया था, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी।

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