मुख्यपृष्ठअपराधयूपी में शादी भी फर्जी!पत्नी ने पति के खिलाफ दी अर्जी

यूपी में शादी भी फर्जी!पत्नी ने पति के खिलाफ दी अर्जी

  • मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के हड़प रहे पैसे
  • शादीशुदा व्यक्ति ने नाबालिग से फिर की शादी

सामना संवाददाता / चंदौली
उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। आए दिन राज्य में ऐसे तमाम मामले सामने आते हैं, जो साबित करते हैं कि किसी को भी कानून का डर नहीं है। सरकारी कर्मचारी से लेकर आम आदमी तक फर्जी काम कर रहे हैं। अब चंदौली जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में एक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। जिले की एक महिला ने अपने पति के खिलाफ फर्जी शादी रचाने की अर्जी दी है। उसने शिकायत में बताया है कि सरकारी योजना का पैसा हड़पने के लिए उसके पति ने दूसरी शादी की है।
मिली जानकारी के अनुसार एक विवाहिता ने शहाबगंज खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) दिनेश सिंह को शिकायती पत्र देकर पति पर सामूहिक विवाह योजना में नाबालिग लड़की से दूसरी शादी रचाने का आरोप लगाया है। शिकायती पत्र में विवाहिता ने बताया है कि उसकी शादी ग्राम सभा मूसरखंड निवासी लक्ष्‍मण के साथ २०२० में हुई थी। इसके बाद भी लक्ष्‍मण ने १७ जून को शहाबगंज ब्‍लॉक मुख्‍यालय पर आयोजित मुख्‍यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में नाबालिग के साथ दूसरी शादी रचाई।
पीड़िता ने प्रकरण की जांच करवाने के साथ ही सामूहिक विवाह योजना में मिलनेवाली अनुदान राशि का लाभ गलत तरीके से लेने और सरकारी धन का फर्जी ढंग से भुगतान किए जाने के मामले में मुकदमा दर्ज करवाने की मांग की है। इस संबंध में बीडीओ दिनेश सिंह का कहना है कि शिकायती पत्र मिला है। जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
गाजीपुर में जोड़ों को नहीं मिली मदद
इसके अलावा गाजीपुर जिले से खबर है कि यहां १० जून को आरटीआई मैदान में संपन्न सामूहिक विवाह में सात पेâरे लेनेवाले ५४ जोड़ों के खाते में १५ दिन बाद भी ३५,००० रुपए की आर्थिक मदद की धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। इस मामले में समाज कल्‍याण अधिकारी रामनगीना यादव का कहना है कि १० जून को २५० युवतियों की शादी का लक्ष्‍य था लेकिन ४१८ युवतियों की शादी सामूहिक विवाह योजना में कराई गई। बजट की कमी के चलते ५४ जोड़ों के खातों में पैसा नहीं भेजा जा सका है। शासन से बजट मिलते ही खातों में पैसा भेज दिया जाएगा।

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