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अपने से आधी उम्र की लड़की से किया निकाह…  और फिर दे दिया तलाक!

सामना संवाददाता / नर्मदापुरम

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।।
हमारे समाज में गुरु को बेहद खास महत्व दिया गया है। गुरु की तुलना साक्षात ईश्वर से की गई है। शिक्षकों का हमारे जीवन में खास योगदान होता है। कहते हैं कि जीवन में गुरु का होना बेहद जरूरी है, जो हमें जीवन के अच्छे और बुरे अनुभवों को समझाता है। लेकिन शिक्षक जाति को शर्मसार कर देनेवाली घटना हाल ही में सामने आई है।
अपने से आधी उम्र की लड़की को प्रिंसिपल बनाने का झांसा देकर उसके साथ निकाह करने और फिर तलाक देने का हैरान करनेवाला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, जिले के पचमढ़ी जामा मस्जिद के पूर्व पेश इमाम ने खुद से उम्र में ३० साल छोटी छात्रा से निकाह किया फिर उसे तलाक दे दिया। बता दें कि पूर्व इमाम हाफिज हफीजुर्रहमान के पास पीड़िता शिक्षा लेने जाती थी। इमाम ने उसे अच्छी तालीम और प्रिंसिपल बनाने का प्रलोभन देकर शादी का प्रस्ताव दिया। बाद में पीड़िता से दबाव बनाकर निकाह कर लिया। एक साल बाद उसने पीड़िता से पिता के घर से २ लाख रुपए लाने की मांग की। रुपए नहीं देने पर उसने मौखिक तलाक कह दिया। पिछले महीने भी पूर्व इमाम ने पीड़ित पत्नी के साथ मारपीट की। विवाद बढ़ने पर इमाम ने उसे सादे कागज पर लिखकर तलाक दे दिया। परेशान होकर पीड़िता ने पचमढ़ी थाने में भी शिकायत की। लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। जिसके बाद न्याय के लिए पीड़िता गुरुवार को नर्मदापुरम जिला मुख्यालय पहुंची। कलेक्टर और एसपी कार्यालय पहुंचकर उसने न्याय की गुहार लगाई और पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पीड़िता की जुबानी उसकी परेशानी

२१ साल की पीड़िता ने बताया कि वह पढ़ने के लिए इमाम के पास जाती थी, तभी से पेश इमाम हाफिज हफीजुर्रहमान मेरे ऊपर गलत नजर रखते थे। वो मुझसे ३०-३२ साल बड़े हैं। उनके बच्चों की उम्र मेरे बराबर है। उन्होंने मुझे बहला-फुसलाकर तालीम देकर प्रिंसिपल बनाने का प्रलोभन देकर शादी का प्रस्ताव दिया। मेरे न मानने पर मुझे बदनाम करने की धमकी देकर नवंबर २०२० में मुझसे मेरे पिता के घर शादी कर ली। शादी के बाद हाफिज और उनकी बेटी मेरे साथ बुरा व्यवहार करते थे। मेरा मोबाइल भी उनके पास था। मुझसे आए दिन मारपीट करते थे। उन्होंने मुझसे मेरे पिता के घर से दो लाख रुपए लाने को कहा। मेरे मना करने पर मुझे मौखिक तलाक दे दिया। उसके बाद मैं मालेगांंव पढ़ाई के लिए गई। पिछले महीने वापस लौटी तो मुझे अलग कमरे में बंद रखा। १६ अप्रैल को उन्होंने सादे कागज पर तलाक दे दिया। इस बीच मैंने २ अप्रैल को फांसी लगाकर आत्महत्या का भी प्रयास किया। हाफिज हफीजुर्रहमान ने जनवरी २०२१ में गुपचुप तरीके से पीड़िता के साथ निकाह कर लिया। उसने यह निकाह अंजुमन इस्लामिया कमेटी के अधिकारों का उल्लघंन कर किया था इस वजह से उसे कमेटी ने पेश इमामत एवं शहर काजी पद से हटाया था। हाफिज हफीजुर्रहान द्वारा लिखित माफी मांगने पर कमेटी ने उसे वापस नियुक्त किया। नर्मदापुरम एसपी डॉ. गुरकरन सिंह ने बताया कि पीड़िता को पति ने मौखिक रूप से तलाक कहने व लिखित में सादे कागज पर तलाक लिखकर दिया है। वे मामले की जांच कर रहे हैं। पति पर वैधानिक कार्रवाई कर केस दर्ज होगा।

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