मुख्यपृष्ठनए समाचारमसूद के गंदे मंसूबे... घाटी में हो खून-खराबा!

मसूद के गंदे मंसूबे… घाटी में हो खून-खराबा!

  • कश्मीरी पंडितों में दहशत फैलाने की कोशिश
    कश्मीर में एक बार फिर हिंदुओं को बना रहा निशाना

सामना संवाददाता / जम्मू
जम्मू-कश्मीर में हाल ही में एक सरकारी कर्मचारी की दफ्तर में घुसकर आतंकियों ने हत्या कर दी। उस हत्या के बाद कश्मीरी पंडितों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी बीच खबर आई है कि कर्मचारी राहुल पंडित की हत्या में कश्मीर टाइगर्स का हाथ है। इस आतंकी संगठन का नाम आते ही कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद का भी जिक्र शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद का आका मौलाना मसूद अजहर कश्मीर टाइगर की आड़ में कश्मीर में फिर से खून-खराबा कराना चाहता है। मसूद के गंदे मंसौदे हैं, खासकर वो कश्मीरी पंडितों में दहशत फैलाने की कोशिश में है। अजहर का मकसद कश्मीर में एक बार फिर हिंदुओं को निशाना बनाना है। खुफिया सूत्रों से खबर मिली है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद घाटी में आतंकी दहशत को फैलाने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बना रहा है। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि अफगानिस्तान के इस्लामी तालिबान और विश्वस्तर पर हक्कानी नेटवर्क के पतन के बाद बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के नेतृत्व का मानना है कि वे भारतीय सुरक्षा बलों की ताकत का भी मुकाबला कर सकते हैं। मौलाना पाकिस्तान के बहावलपुर से एक आतंकी फैक्ट्री चला रहा है। हालांकि पाक सरकार अजहर के अपने मुल्क में न होने का कई बार झूठा ढोल पीट चुकी है। बुधवार को राहुल भट की हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मसूद अजहर का मकसद कश्मीर में एक बार फिर हिंदुओ को निशाना बनाना है, क्योंकि हत्या से पहले हथियारों से लैस आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ो की धमकी भी दी थी। जैश-ए-मोहम्मद की हताशा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसके दो आतंकवादी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में ढेर हो गए थे। ये दोनों आतंकी एक पखवाड़े पहले जम्मू में सुंजवां सैन्य स्टेशन से सटे इलाके में तलाशी अभियान के बाद भड़के थे। सुरक्षा बलों ने कहा था कि एक आतंकवादी ने आत्मघाती जैकेट भी पहन रखा था और उसने जम्मू में आत्मघाती हमले की योजना बनाई थी। आतंकवादियों ने खुद को उड़ाने और बड़े पैमाने पर हताहत करने की योजना बनाई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा को बाधित करने की भी योजना बनाई थी।

दहशत फैलाने वाले चार नए संगठन सामने आए
कश्मीर टाइगर्स की नींव डालने वाला और कोई नहीं जैश का ही एक आतंकी मुफ्ती अल्ताफ उर्फ अबू जार है। बीते तीन चार साल में कश्मीर में दहशत फैलाने वाले चार नए संगठन सामने आए हैं। कश्मीर टाइगर्स के अलावा टीआरएफ, पीएएफएफ और एलईएम भी इसमें शामिल हैं। बीते कुछ समय से कश्मीर टाइगर्स ने घाटी के अलग-अलग हिस्सों में आतंक फैलाया है। पिछले साल दिसंबर महीने में दो पुलिसकर्मियों की हत्या में कश्मीर टाइगर्स का नाम सामने आया था।

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