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‘मातोश्री’ तो शिवसैनिकों का मंदिर!…. शिवसैनिकों को उकसाने की क्या जरूरत थी? …. उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की राणा दंपति को सलाह

• अपने क्षेत्र में करो हनुमान चालीसा का पाठ

सामना संवाददाता / मुंबई । अमरावती की निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने सलाह दी है। उन्होंने पूछा है कि `मातोश्री’ तो शिवसैनिकों का मंदिर है और `मातोश्री’ जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की चुनौती देकर शिवसैनिकों की भावना भड़काने की क्या जरूरत थी? अपने चुनावी क्षेत्र और मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से किसने रोका है?
उपमुख्यमंत्री पवार ने कल प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बेवजह मुद्दा बनाकर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करना उचित नहीं है। राज्य सरकार पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रही है। आप अमरावती की जनप्रतिनिधि हैं। आप बडनेर के जनप्रतिनिधि हैं। अपने क्षेत्र, घर और मंदिर में जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से किसने रोका है? राणा दंपति को सचेत भी किया गया था कि वे ऐसा न करें। फिर भी जान-बूझकर कुछ न कुछ बयान देकर नई समस्या पैदा करने के लिए बयानबाजी की गई। हमारे एक मंत्री एकनाथ शिंदे कह रहे थे कि वहां जाना इतना आसान नहीं है। सब कह रहे थे। आपको सुनना चाहिए था। इतनी हठधर्मिता क्यों?
उन्होंने कहा कि शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे को लेकर शिवसेना कार्यकर्ताओं की भावनाएं हमेशा से ही बहुत मजबूत रही हैं। लोग शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब से मिलने `मातोश्री’ जाते थे। शिवसेनापक्षप्रमुख व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलने जाते हैं। शिवसैनिक उन्हें अपने भगवान के रूप में देखते हैं। यह उनका नजरिया है। शरद पवार के मामले में राकांपा कार्यकर्ताओं, सोनिया गांधी के मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, मोदी-अमित शाह के मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं, रामदास आठवले के मामले में आरपीआई कार्यकर्ताओं का भी यही रुख है। यह एक सच्चाई है।
कानून हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी पर हमला नहीं होना चाहिए। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए। अगर आपको कोई उकसाने की कोशिश कर रहा है, आपको उसका सवाल पसंद नहीं है तो नो कमेंट कहकर चुप रहना चाहिए।
पुलिस करे अपने स्तर पर जिम्मेदारी से काम
अजीत पवार ने कहा कि पुलिस को राजनीतिक दखलंदाजी का शिकार हुए बिना अपना काम करना चाहिए। जब आप अपना काम कर रहे हों तो राजनीतिक हस्तक्षेप का शिकार न हों। अगर हम सरकार में हैं तो भी पुलिस को अपना काम सही तरीके से करना चाहिए। राजनीतिक हस्तक्षेप बिल्कुल नहीं होना चाहिए। यदि सभी लोग अपनी-अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाएंगे तो यह समस्या नहीं आएगी।

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