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गुजरात चुनाव में हो सकता है ‘खेला’! युवाओं और पुरुषों में भाजपा का समर्थन घटा है

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
आगामी गुजरात विधानसभा के चुनाव में ‘खेला’ हो सकता है। यह खेला अरविंद केजरीवाल की पार्टी ‘आप’ कर सकती है। एक हालिया सर्वे में इस बात के संकेत मिल रहे हैं। तीन संस्थाओं ने मिलकर ये सर्वे किया है। इनकी तरफ से किए जा रहे ‘छमाही सर्वे सीरीज’ के आठवें सर्वे के अनुसार ‘आप’ का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद वह भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन गई है। छह महीने पहले वह अदर्स कैटेगिरी में थी पर अब ७ फीसदी मत पाकर वह अलग से चुनौती दे रही है।
बता दें कि इस सर्वे के अनुसार टियर ३ शहरों के साथ ही युवाओं और पुरुषों में भाजपा का समर्थन घटा है। सर्वे में क्षेत्रीय पार्टियों का आधार बढ़ता हुआ दिख रहा है।
कैसे किया गया सर्वे
ग्लोबल मार्केट रिसर्च फर्म ‘यूगॉव’, ‘मिंट’ और दिल्ली स्थित थिंक टैंक ‘सीपीआर’ (सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च) ने मिलकर इस सर्वे को किया है। सर्वे को ऑनलाइन किया गया है। इस मिलेनियन सर्वे में देश के २०४ शहरों और कस्बों के १०,२७१ लोगों ने हिस्सा लिया। इसके जरिए भारतीयों की आकांक्षाओं, चिंताओं और सियासी रुखों को भांपने की कोशिश की गई है।
ताजा सर्वे में २८ प्रतिशत लोगों ने किसी भी पार्टी को अपनी पहली पसंद नहीं बताया। पिछले सर्वे में यह आंकड़ा ज्यादा था। तब ३४ प्रतिशत ने किसी पार्टी को अपनी पसंद नहीं बताया। अगर इन वोटरों को उदासीन वोटर कह लें तो ‘आप’ इस उदासीनता को तोड़ती दिख रही है क्योंकि ऐसे वोटरों का झुकाव सबसे ज्यादा उसी की तरफ बढ़ा है। ‘आप’ इस साल पंजाब विधानसभा चुनाव में शानदार जीत से उत्साहित है। अब उसका फोकस इस साल के आखिर में होनेवाले गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावों पर है। सर्वे की मानें तो पार्टी का बेस टियर-१ और टियर-२ में नहीं है। उसकी लोकप्रियता सिर्फ मेट्रो तक सीमित है और वह भी सिर्फ उत्तर और पश्चिमी हिंदुस्थान में। ‘आप’ की लोकप्रियता मुख्यत: उत्तर हिंदुस्थान (१३ प्रतिशत) में है। उसके बाद पश्चिमी हिंदुस्थान (७ प्रतिशत) में है। उसे अभी दक्षिण में बहुत ज्यादा मेहनत की दरकार है क्योंकि वहां उसकी लोकप्रियता सबसे कम है। सर्वे में पूछा गया कि भाजपा के खिलाफ किसे पसंद करेंगे तो ३१ प्रतिशत ने ‘आप’ जैसे किसी ‘नए राष्ट्रीय विकल्प’ की वकालत की। सिर्फ १९ प्रतिशत का ही मानना था कि भाजपा को काउंटर करने के लिए कांग्रेस को ही मजबूत करना होगा। वहीं २१ प्रतिशत लोगोेंं ने कहा कि क्षेत्रीय दलों का गठबंधन भाजपा का मुकाबला कर सकता है। दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में क्षेत्रीय दल अपने जनाधार को बरकरार रखते दिख रहे हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी का आधार सिर्फ उन्हीं राज्यों में बढ़ता दिख रहा है, जहां कांग्रेस मजबूत रही है।

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