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महाराष्ट्र में मेघराज हुए कमजोर : मुंबईकरों की प्यास पर लगा प्रश्नचिह्न! … सिर्फ रिमझिम बरसेंगे बदरा

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
महाराष्ट्र में अगस्त का महीना शुरू होते ही मेघराज कमजोर पड़ गए हैं। मुंबई समेत राज्य के अधिकांश जिलों में दमदार बारिश न होने से आम लोगों सहित प्रदेश के किसान चिंता में डूब गए हैं। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि अगले पांच दिनों तक बदरा ऐसे ही रिमझिम बरसेंगे। बारिश के कमजोर पड़ने से मुंबईकरों की प्यास पर भी प्रश्नचिह्न लग गया है, क्योंकि मुंबई को जलापूर्ति करनेवाले कई जलाशय अभी तक भरे नहीं हैं।
ज्ञात हो कि जून के अंत में बारिश की शुरुआत के साथ ही जुलाई भर जमकर बारिश हुई, लेकिन अगस्त महीने के शुरू होते ही मेघराज रूठ गए और बारिश ने मुंबई समेत महाराष्ट्र से मुंह मोड़ लिया। अगस्त महीने को बीतने में नौ दिन और बचे हैं। ऐसे में बारिश न होने से मौसम विभाग के साथ ही आम जनता और किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग का कहना है कि निम्न दबाव क्षेत्र और चक्रवाती हवा की स्थिति के कारण राज्य में बारिश की रफ्तार नहीं बढ़ रही है। अनुमान है कि कोकण और विदर्भ के कुछ हिस्सों में अगस्त के आखिरी सप्ताह में बारिश होगी। इसके अलावा सितंबर के पहले सप्ताह में राज्य भर में बारिश होने की संभावना है।
अगस्त में औसत से कम बारिश
खंडित मानसून के कारण देश में बारिश का आंकड़ा औसत से ९३ फीसदी कम हुआ तो वहीं महाराष्ट्र में भी बारिश का औसत घटकर ९५ फीसदी पर आ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो महीनों का पूर्वानुमान लगाया था कि इन दो महीनों में औसत वर्षा होगी। हालांकि, पुणे में मौसम विज्ञान अनुसंधान और सेवा विभाग के प्रमुख कृष्णानंद होसालीकर के अनुसार, अगस्त में औसत से कम बारिश के कारण सितंबर में कमी की भरपाई संभव है।

पानी पर संकट, अगले महीने होगी कटौती!
अगस्त महीने में बहुत कम बारिश होने से मुंबई को पानी की सप्लाई करनेवाली झीलों में जरूरत से कम पानी जमा हुआ है। इन सातों झीलों में ८३.५५ प्रतिशत पानी जमा हुआ है, जबकि औसतन अब तक इन झीलों में ९५ प्रतिशत पानी जमा होना चाहिए था। लेकिन अब तक १५ प्रतिशत पानी कम जमा होने से मनपा परेशान है। यदि आगामी दिनों में जमकर बरसात नहीं हुई तो मुंबईकरों को सालभर पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पानी सप्लाई के बेहतर मैनेजमेंट के लिए मनपा अगले महीने पानी की कटौती पर विचार कर रही है। सातों झीलों में इस साल उपलब्ध पानी का स्टॉक १२,०९,२७२ मिलियन लीटर है। मनपा अधिकारियों ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल एक लाख एमएलडी पानी कम जमा हुआ है।

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