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मेट्रो-५ परियोजना : भिवंडी के आगे रखड़ा काम ,अब कसेली में बनेगा कारशेड

  • सुजीत गुप्ता

ठाणे-भिवंडी-कल्याण के बीच मेट्रो-५ कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है। ठाणे से भिवंडी के बीच मेट्रो मार्ग तैयार करने का काम करीब ६५ फीसदी तक पूरा किया जा चुका है। परंतु स्थानीय नागरिकों के विरोध के चलते भिवंडी से आगे मेट्रो का निर्माण कार्य रखड़ गया है। ऐसे में मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने मेट्रो-५ कॉरिडोर का कारशेड तैयार करने के लिए ठाणे के करीब कसेली का चयन किया है। परियोजना की शुरुआत में मेट्रो-५ का कारशेड भिवंडी-कल्याण मार्ग के बीच तैयार करने की योजना बनाई गई थी। किंतु भिवंडी के आगे काम शुरू नहीं हो पाने की वजह से एमएमआरडीए ने कारशेड के स्थान में बदलाव करने का यह निर्णय लिया है।
२० हेक्टर भूमि का चयन
एमएमआरडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ठाणे से भिवंडी कॉरिडोर का निर्माण कार्य करीब ६५ प्रतिशत तक पूरा किया जा चुका है। आगामी डेढ़ से दो वर्ष में इस रूट का काम १०० प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। इस वजह से विभाग ने कारशेड के स्थान में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। ताकि पहले चरण पर सेवा निर्धारित समय पर शुरू की जा सके। कारशेड के लिए कसेली में करीब २० हेक्टर जमीन का चयन किया गया है। यह जमीन उपलब्ध करवाने के लिए स्थानीय प्रशासन को पत्र भेजा गया है।
८,४१६ करोड़ का प्रोजेक्ट
ठाणे-भिवंडी-कल्याण के बीच २४.९ किमी लंबा मेट्रो मार्ग तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना के लिए कुल ८ हजार ४१६ करोड़ ५१ लाख रुपए खर्च प्रस्तावित है। कॉरिडोर के काम को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण के तहत ठाणे से भिवंडी के बीच मार्ग तैयार किया जा रहा है। दूसरे चरण के तहत भिवंडी से कल्याण के बीच मेट्रो मार्ग तैयार होने हैं। पूरे कॉरिडोर के मार्ग पर कुल १५ मेट्रो स्टेशन का निर्माण होना है।
अंडरग्राउंड होगा आगे का मार्ग
स्थानीय नागरिकों की आपत्ति को ध्यान में रखते हुए एमएमआरडीए भिवंडी से आगे अंडरग्राउंड मेट्रो तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। एमएमआरडीए अधिकारी के अनुसार, अंडरग्रांउट मार्ग तैयार करने से प्रोजेक्ट की लागत में करीब ३०० करोड़ रुपए से ५०० करोड़ रुपए तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं एलिवेटेड मार्ग तैयार करने के दौरान भी उनको कई लोगों के पुनर्वसन की व्यवस्था करनी पड़ती। पुनर्वसन के लिए भी प्राधिकरण को काफी रुपए खर्च करने पड़ते थे।

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