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`ईडी सरकार’ आते ही पटरी से उतरी मेट्रो! मेट्रो-२ और ७ की सुस्त हुई रफ्तार

  • कई स्टेशनों के सिविल वर्क अधूरे
  • तीन लाख यात्रियों पर पड़ेगा असर

सुजीत गुप्ता
मेट्रो २ए और ७मार्ग पर आरे से डहानुकरवाड़ी के बीच २० किमी मार्ग पर मेट्रो सेवा का परिचालन २ अप्रैल को शुरू किया गया था। इस कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की थी। अब इस मार्ग पर १८ अतिरिक्त मेट्रो सेवाएं भी कल से बढ़ चुकी हैं। परंतु जहां तक बात दूसरे चरण की है तो १५ अगस्त से मेट्रो के दूसरे चरण पर एमएमआरडीए की योजना ट्रायल रन शुरू करने की थी। परंतु ईडी सरकार के आते ही इस परियोजना की रफ्तार सुस्त होने से मेट्रो का ट्रायल रन पटरी से उतर गया है। कई स्टेशनों के सिविल वर्क पूरे नहीं होने से अनुमान लगाया जा रहा है कि मेट्रो का दूसरा चरण दिसंबर २०२२ तक भी यात्रियों के लिए शुरू नहीं हो पाएगा।
बता दें कि मेट्रो २ए और ७ मार्ग के दूसरे चरण का ट्रायल रन शुरू करने की योजना एमएमआरडीए ने १५ अगस्त २०२२ तय की थी परंतु इस मार्ग पर सिविल वर्क का काम अधूरा होने के कारण कल से शुरू होनेवाला मेट्रो ट्रायल रन टल गया। वहीं जहां तक बात पूरे ३५ किमी के कॉरिडोर को यात्री सेवा में शामिल करने की है तो एमएमआरडीए ने इसे शुरू करने के लिए पहले दिसंबर २०२२ का समय तय किया था, जिसे एक महीना कम कर नवंबर २०२२ कर दिया है। हालांकि दूसरे चरण पर हो रहे सिविल वर्क  को देखें तो कई स्टेशन ऐसे हैं, जहां के कई महत्वपूर्ण सिविल वर्क अभी होना बाकी ही हैं।
मेट्रो के दूसरे चरण का काम सुस्त होने से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे का ट्रैफिक कम करने में एमएमआरडीए को मदद नहीं मिल रही है। यदि पूरे ३५ किमी के मेट्रो कॉरिडोर पर मेट्रो सेवा शुरू हो जाती है तो वेस्टर्न एक्सप्रेस हाइवे का ट्रैफिक ५० फीसदी से अधिक कम हो जाएगा। वहीं मेट्रो सेवा से रोजाना ३ लाख से अधिक यात्री सफर कर पाएंगे। ऐसा दावा एमएमआरडीए ने किया था।
मेट्रो २ए कॉरिडोर पर १५ से २० दिन और ७ कोरोडोर पर करीब डेढ़ महीने में ट्रायल रन शुरू करने की योजना है। मेट्रो स्टेशनों का सिविल वर्वâ करीब ९० फीसदी पूरा हो चुका है, जबकि इसका कमर्शियल रन दिसंबर २०२२ तक करने का लक्ष्य हमने रखा है।
एस. वी. श्रीनिवास
(आयुक्त एमएमआरडीए)

अंधेरी-पूर्व से दहिसर-पूर्व मेट्रो ७ और दहिसर से डीएन नगर के बीच मेट्रो २ ए का निर्माण हो रहा है। दोनों कॉरिडोर पर कुल ३० स्टेशन हैं, जबकि अभी केवल १८ स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवा शुरू हुई है। पूरे मार्ग पर सेवा शुरू नहीं होने की वजह से चल रही मेट्रो लोकल ट्रेन और घाटकोपर से वर्साेवा के बीच चल रही मेट्रो-१ से कनेक्ट नहीं हो पाई है। इस वजह से लोकल ट्रेन में सफर करनेवाले यात्रियों को एमएमआरडीए मेट्रो की तरफ आकर्षित करने में फेल रही है। रोजाना ३ लाख से अधिक यात्रियों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने वाली मेट्रो में मौजूदा समय में रोजाना करीब ३० हजार यात्री ही सफर कर रहे हैं।

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