मुख्यपृष्ठनए समाचारबीडीडी चाल पुनर्विकास परियोजना में म्हाडा ने की मनमानी!

बीडीडी चाल पुनर्विकास परियोजना में म्हाडा ने की मनमानी!

• निवासियों ने लगाया आरोप
• जांबोरी मैदान में किया आंदोलन

सामना संवाददाता / मुंबई
बीडीडी चाल के निवासियों ने आरोप लगाया कि पुनर्विकास परियोजना के निर्माण में म्हाडा मनमाना रवैया अपना रही है। इसी के खिलाफ वर्ली के जांबोरी मैदान में लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। वर्ली से मुख्यमंत्री आवास (वर्षा) तक रैली होनी थी, लेकिन उससे पहले पुलिस ने वर्ली से ही प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
लोगों का आरोप है कि म्हाडा निवासियों को विश्वास में लिए बिना मनमाने ढंग से काम कर रही है। यह ४० मंजिला टॉवर माना जाता था, जिसे २० मंजिल तक लाया गया। हमारी मांग है कि कॉर्पस फंड दिया जाए और हमें ७०२ वर्गफीट का घर मिले। हालांकि, अवैध कार्य करने पर नागरिकों को ‘९५-ए’ नोटिस दिखाकर जबरन उनके घरों से बेदखल किया जा रहा है। लोग मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से इस समस्या का समाधान करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि इस ओर ध्यान दिया जाए अन्यथा जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
वर्ली, नायगांव, डिलाइट रोड पर बीडीडी चाल के सैकड़ों निवासी सुबह से ही वर्ली के महात्मा गांधी मैदान (जांबोरी मैदान) में एकत्र हुए। सैकड़ों की संख्या में एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख मांगों के साथ म्हाडा और राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया। बीडीडी चाल के निवासी प्रतिनिधियों ने कहा कि म्हाडा मुंबई बोर्ड और बीडीडी चाल पुनर्विकास परियोजना के तहत डेवलपर्स की मनमानी कार्यप्रणाली का विरोध करने और निवासियों की सुविधाओं और मांगों के संबंध में महाराष्ट्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। यह जन आंदोलन वर्ली से लेकर वर्षा (मुख्यमंत्री आवास) तक था। हालांकि, आंदोलन की तीव्रता को देखते हुए पुलिस ने वर्ली के जांबोरी मैदान से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

म्हाडा हमारी बात नहीं सुनती। तानाशाही राज कर रही है। इसी के विरोध में आज हम क्षेत्रवासी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर हमारी मांगें मानी गर्इं तो आंदोलन इससे भी तेज होगा।
-संदेश मोहिते, निवासी, नायगांव बीडीडी
हमें ३० साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर जगह दी जा रही है यानी अगर इमारत सोसायटी की है तो जगह म्हाडा की है। म्हाडा ने आज तक हमारे निवासियों को यह बात कभी नहीं बताई। यह हमारी गलत दिशा है। कॉन्ट्रैक्ट में कई खामियां हैं, इन त्रुटियों पर कोई चर्चा करने को तैयार नहीं है।
-किशोर सावंत, निवासी, वर्ली बीडीडी

अन्य समाचार