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अमीरों का पलायन, कंगाल हो रहा हिंदुस्थान!

जितेंद्र मल्लाह
देश में महंगाई और बेरोजगारी चरम पर होने के बावजूद केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार, भाजपा और उसकी समर्थक एजेंसियां विकास का ढोल बजा रही हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी पिछले हफ्ते दावा किया था कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके अगले कार्यकाल के दौरान देश की अर्थव्यवस्था ५ ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की हो जाए। इससे यह अमेरिका और चीन के बाद तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी, जो कि फिलहाल जापान तीसरे और जर्मनी के बाद चौथे स्थान पर है। अर्थात वित्त वर्ष २०३०-३१ तक हिंदुस्थान की अर्थव्यवस्था मौजूदा समय में ३.४ ट्रिलियन डॉलर से करीब दोगुनी यानी ६.७ ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। अगले सात वर्षों में हिंदुस्थानियों की कमाई प्रति व्यक्ति आय ७० फीसदी तक बढ़कर ३,२९,१२२ रुपए तक पहुंच जाएगी, ऐसा सब्जबाग देश की जनता को मोदी सरकार दिखा रही है।
इसी बीच मोदी राज में एक ऐसी खबर सामने आई है, जो हिंदुस्थान के कंगाल होने की कहानी बयां कर रही है। एक तरफ केंद्र सरकार का दावा है कि जल्द हमारा देश दुनिया में विश्व गुरु और विश्व की तीसरी बड़ी आर्थिक महासत्ता बन जाएगा। मोदी सरकार का अनुमान है कि देश में लोग तेजी से अमीर बन रहे हैं, लेकिन इन सबके बीच भारत की नागरिकता छोड़ रहे लोगों की खबर ने सबको चौंका दिया है। हकीकत यह है कि अमीर बननेवालों से ज्यादा तेज रफ्तार से देश के अमीर दुनिया के दूसरे ‘सुरक्षित’ देशों में पलायन कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के आधार पर मीडिया में आई खबरों की मानें तो बड़ी संख्या में लोग हिंदुस्थान की नागरिकता त्याग रहे हैं। हर साल बड़ी तादाद में लोग भारत छोड़ रहे हैं। भारत सरकार द्वारा इस पर जारी की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा साल के पहले ६ महीने यानी कि १ जनवरी, २०२३ से जून २०२३ के अंत तक ८७,०२६ लोग हिंदुस्थान की नागरिकता त्याग चुके हैं। भारत की नागरिकता छोड़कर हिंदुस्थानी लोग दुनिया के दूसरे १३५ देशों में अपना नया ठिकाना बना रहे हैं। भारत सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, साल २०११ से अब तक लगभग १७ लाख भारतीय अपनी नागरिकता छोड़ चुके हैं। विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, साल २०२२ में सबसे ज्यादा २,२५,६२० भारतीयों ने अपनी नागरिकता त्यागी है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए इन आंकड़ों का खुलासा किया है। हैरानी की बात यह है कि पलायन करनेवाले हिंदुस्थानी जिन देशों में जा रहे हैं उनमें अमेरिका, वैâनेडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी तो हैं ही लेकिन बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देश भी १३५ देशों में शामिल हैं। ये वही लोग हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाते थे। देश त्यागनेवाले लगभग सभी लोग अमीर ही हैं। यानी कि एक तरह से हिंदुस्थान कंगाल हो रहा है। यही चिंता की बात है। ऐसे में आशंका यह जताई जा रही है कि यदि हर साल अमीर लोग ऐसे ही भारत की नागरिकता छोड़ते रहेंगे तो देश की ५ ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना भी जुमला ही बनकर रह सकता है। अर्थात नफरती सियासत के कारण खतरनाक हो रहे माहौल के परिणामस्वरूप हो रहे अमीरों के पलायन से हिंदुस्थान के कंगाल होने का खतरा बढ़ रहा है।

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