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सांताक्रुज में बाजरा गणेश

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र में गणेश महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस उत्सव में इकोफ्रेंडली गणेश की मूर्ति बहुतायत देखने को मिल रही है। कहीं सांडू मिट्टी से बनी मूर्ति देखने को मिल रही है तो कहीं कागज से बनी मूर्ति। इसी कड़ी में सांताक्रुज में रहने वाले एक मूर्तिकार द्वारा बनाई गई बाजरा से बनाई गई बाप्पा की मूर्ति गणेश भक्तों में चर्चा का विषय बन गई है।
इस मूर्ति को बनाने वाली महिला मूर्तिकार रिंटू राठौड़ ने बताया कि इस वर्ष विश्व बाजरा दिवस मनाया जा रहा है। इसी बात को ध्यान में रखकर मैंने बाप्पा की इकोफ्रेंडली मूर्ति तैयार की है। बाजरा, सत्तू, पीसे हुए मेवे, खाने में उपयोग किया जाने वाला बबूल गोंद, गुड़, इलायची सहित कुल 9 तरह के पदार्थों का मिश्रण कर तैयार किया गया है। इसे बनाने में 20 दिन का समय लगा है। बाप्पा के इस मूर्ति की ऊंचाई दो फिट है तथा वजन 20 किलो है। इस वर्ष इस तरह की कुल 60 मूर्ति के आर्डर मिली थे, जिसे मुंबई, दुबई तथा ऑस्ट्रेलिया के गणेश भक्तों ने अपने घरों में स्थापित किया है। बाप्पा की इस मूर्ति को दूध में विसर्जित कर प्रसाद भक्तों तथा श्रद्धालुओं को वितरित कर दिया जाता है।

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