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मिंधे गुट के सांसदों की बढ़ी टेंशन : …कहीं निगल न जाए भाजपा!

सहयोगी दलों को निगलने के लिए मशहूर है भाजपा
सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना से बगावत कर शिंदे गुट में गए ५ सांसदों की टेंशन अब बढ़ गई है। इन सांसदों की सीटों पर आगामी संसदीय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी खड़े करने पर विचार कर रही है। ऐसे में इन सांसदों को फिर से चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा या नहीं, यह सवाल इनके मन में उठने लगा है। आगामी संसदीय चुनाव को लेकर भाजपा की राजनीतिक चाल अब इन लोगों की समझ से परे साबित हो रही है। ये चिंतित हैं कि सहयोगी दलों को निगलने के लिए मशहूर भाजपा कहीं इन्हें भी निगल न जाए। इसी वजह से मिंधे गुट के सांसदों के माथे पर टेंशन की लकीरें खींच गई हैं।
सूत्रों की मानें तो शिवसेना के अलग होने के बाद भाजपा राज्य में खुद को कमजोर महसूस कर रही है। शिंदे गुट को भाजपा तोड़ने में जरूर सफल रही लेकिन शिंदे गुट में गए सांसद भाजपा को पसंद नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि सांसद श्रीरंग बारणे, गजानन कीर्तिकर, कृपाल तुमाने, भावना गवली, हेमंत गोडसे की सीट पर भी भाजपा ने अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने केंद्रीय मंत्रियों को एकनाथ शिंदे गुट के इन सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वरिष्ठ नेता नितीन गडकरी को विदर्भ के सात निर्वाचन क्षेत्र भंडारा, गढ़चिरौली, यवतमाल, अकोला, अमरावती, वर्धा और रामटेक का प्रभार सौंपा गया है। लातूर और मावल से रावसाहेब दानवे, ठाणे और उत्तर-पश्चिम मुंबई से पीयूष गोयल, सांगली से नारायण राणे, डॉ. भागवत कराड को परभणी और धुले, कपिल पाटील को सोलापुर सीट का प्रभारी बनाया गया है। इनमें से ज्यादातर सीटों पर भाजपा के सांसद हैं लेकिन नासिक, मावल, उत्तर-पश्चिम मुंबई, रामटेक, यवतमाल लोकसभा क्षेत्रों में बालासाहेब की शिवसेना मतलब शिंदे गुट के सांसद हैं।
उल्लेखनीय है कि भाजपा पर अक्सर उसके सहयोगी दल अपने सहयोगियों को निगल जानेवाली पार्टी होने का आरोप लगाते रहे हैं। इसके लिए महाराष्ट्र में शिवसेना, पंजाब में अकाली दल और बिहार में जदयू के उदाहरण दिए जाते हैं। इसी कारणवश इन दलों ने भाजपा का साथ छोड़ दिया। वर्तमान में शिंदे गुट राज्य में भाजपा के साथ सत्ता में है। यहां भाजपा की सहयोगी बनी हुई है। इसके बावजूद भाजपा केंद्रीय टीम ने इन लोकसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी अपने केंद्रीय मंत्रियों को देकर वहां भाजपा को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है। भाजपा के इस कदम से निर्वाचन क्षेत्र में सहयोगी शिंदे गुट के सांसद परेशानी में हैं। उन्हें डर है कि अपने सहयोगियों को निगलनेवाली भाजपा कहीं उन्हें भी निगल न जाए।

शिंदे गुट के वर्तमान सांसद
लोकसभा सीट- सांसद
मावल- श्रीरंग बारणे,
नासिक- हेमंत गोडसे,
यवतमाल- भावना गवली,
उत्तर-पश्चिम मुंबई- गजानन कीर्तिकर,
रामटेक- कृपाल तुमाने

 

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