" /> `दिलचस्प प्रपोजल आया ही नहीं!’ -मिनिषा लांबा

`दिलचस्प प्रपोजल आया ही नहीं!’ -मिनिषा लांबा

मिनिषा लांबा ने अपने फिल्म करियर में बहुत ज्यादा फिल्में नहीं कीं लेकिन जितनी भी फिल्में कीं उनमें मिनिषा का परफॉर्मेंस दर्शकों को जरूर याद रहा। बॉलीवुड की शायद वे एकमात्र अभिनेत्री हैं, जो एक उम्दा पोकर प्लेयर हैं। बेहतर पोकर प्लेयर होने के बावजूद वे प्रोफेशनल पोकर प्लेयर बनने की बजाय अभिनेत्री बनी। ‘बचना ऐ हसीनों’, ‘वेल डन अब्बा’, ‘भेजा फ्राय’, ‘शौर्य’, ‘दस कहानियां’ जैसी फिल्में और कई कमर्शियल एड करनेवाली मिनिषा पिछले ५ वर्षों से बड़े पर्दे से गायब थीं और एक अर्से बाद उनकी फिल्मों में वापसी हो रही है। पेश है, मिनिषा लांबा से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

►२०१४ में ‘बिग बॉस’ शो में नजर आने के बाद आप दोबारा कहीं नजर नहीं आर्इं, जबकि आपने कई नामी मेकर्स के साथ काम किया है?
कुछ बातें अपने वश में नहीं होतीं। कुछ लम्हें और हालात बस घटते हैं और हमें न चाहते हुए भी उन्हें फेस करना पड़ता है। २०१४ में मैंने ‘बिग बॉस’ शो किया और इसी वर्ष मैंने अपनी मातृभाषा (पंजाबी) में एक फिल्म की ‘डबल द ट्रबल’। इसके बाद मेरी कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई और न मैंने कोई फिल्म साइन की। सच्चाई ये है कि मेरे पास कोई दिलचस्प प्रपोजल आया ही नहीं। मैंने सोचा थोड़ा इंतजार कर लेती हूं लेकिन अब लगता है मेरा इंतजार कुछ ज्यादा ही लंबा हो गया।
►क्या आप इस कड़वी सच्चाई को नहीं जानतीं कि जो दिखता है वो बिकता है?
ये सच्चाई है लेकिन कुछ ऐसे भी सितारे रहे जिनका कमबैक पहले से बेहतर रहा। मैंने सोचा अगर मुझे कोई अर्थपूर्ण भूमिका मिलती है तो मैं उसे साइन करूंगी वरना रुकने में क्या हर्ज है? इसी सोच में वक्त आगे बढ़ता गया और मुझे इसका अहसास नहीं हुआ। कोई और अन्य खास मकसद नहीं था। अब तो मुझे लगने लगा है कि सब्र का फल मीठा होता है और शायद मेरा इंतजार सही ही था। देखिए ओटीटी प्लेटफॉर्म पर क्या गजब का कंटेंट आ रहा है और कलाकारों की बेहतरीन अदाकारी देखने को मिल रही है।
►मेकर्स के नजरअंदाज करने पर क्या आपके साथ अन्याय होने की भावना आपको महसूस हुई?
मेरे पिता केवल लांबा, जो इंडियन आर्मी में बड़े ओहदे पर कार्यरत हैं और मम्मी मंजू लांबा की मैं बेटी हूं। निर्देशक शुजीत सरकार ने मुझे अपनी डेब्यू फिल्म में मौका दिया और इसी फिल्म से मेरा बॉलीवुड में प्रवेश निश्चित हुआ। मैं शान से कहूंगी ये बड़ी ही मैजिकल जर्नी रही। बॉलीवुड के कारण मैं एक सामान्य युवती से अभिनेत्री मिनिषा लांबा बन गई। मेरे अभिनय से मुझे पहचान मिली। निर्माता-निर्देशकों ने मुझे स्टारडम दिलाया।
►अपने को-स्टार रणबीर कपूर के साथ ‘बचना ए हसीनों’ में काम करने का अनुभव कैसा रहा?
बॉलीवुड के फर्स्ट फिल्म परिवार का बेटा होकर भी अपने अभिनय के पेशे को रणबीर कभी लाइटली नहीं लेता। पूरी फिल्म के दौरान रणबीर मुझे बहुत ही कूल लगे। शूटिंग के समय अपने साथी कलाकार से कोई मिस्टेक भी हुई तो वे संभाल लेते हैं। मेरे लिए रणबीर कपूर की हीरोइन बनना एक खास अनुभव है।
►आप एक अच्छी पोकर खिलाड़ी हैं। क्या कभी इसमें अपना करियर बनाने के बारे में आपने कभी नहीं सोचा?
डेल्टिन पोकर टूर्नामेंट और अपने देश की तमाम प्रेस्टीजियस टूर्नामेंट्स में मैं पुरस्कार पा चुकी हूं। मेरी अपार खुशियां इन उपलब्धियों में हैं। इससे ज्यादा और मैं क्या चाहूंगी। पोकर की खुशियां अपनी जगह और अभिनय से मिलनेवाली संतुष्टि अपनी जगह। पोकर पर मेरी प्रोफिशियंसी है और वो हमेशा रहेगी। मैं प्रोफेशनल पोकर हूं ही। इंटरनेशनल टूर्नामेंट भी खेल जीत चुकी हूं। गोवा के बाद २०१७ में लॉस वेगास में मैच हुआ था। वैसे मुझे पढ़ना बेहद अच्छा लगता है लेकिन पोकर भी मेरी हॉबी है।
►ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आपकी फिल्म कब रिलीज हो रही है?
करणवीर बोहरा, संजय मिश्रा, त्रिधा चौधरी मेरे साथ फिल्म ‘कुतुबमीनार’ में हैं। ये बेहद रोमांचक फिल्म है। इसके टिवस्ट और टर्न चौंकाऊ हैं। इसकी काफी शूटिंग देहरादून में हुई है और आप इसे बहुत जल्द ही ओटीटी पर देख सकेंगे।