मुख्यपृष्ठनए समाचारबीवी से ज्यादा रूठते हैं ‘ईडी’ सरकार के मंत्री! सुप्रिया सुले ने...

बीवी से ज्यादा रूठते हैं ‘ईडी’ सरकार के मंत्री! सुप्रिया सुले ने ली चुटकी

सामना संवाददाता / मुंबई
बीवी जितनी घर में नहीं रूठती है, उससे अधिक ‘ईडी’ सरकार के मंत्री विभागों के बंटवारे के बाद रूठ रहे हैं, ऐसी चुटकी राकांपा नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने ‘ईडी’ सरकार की ली। शिंदे-फडणवीस यानी ‘ईडी’ सरकार के संयुक्त मंत्रिमंडल का विस्तार और विभागों का बंटवारा हुआ है। इस बंटवारे में महत्वपूर्ण विभाग उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है। काफी प्रतीक्षा के बाद राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। कहा जा रहा है कि कम महत्वपूर्ण विभागों के मिलने से अनेक मंत्री नाराज हैं। इस मुद्दे को लेकर राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने चुटकी ली है। मुंबई राकांपा की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए सुले ने उक्त चुटकी ली।
गौरतलब हो कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुए विभागों के बंटवारे में भाजपा की तुलना में शिंदे गुट के अनेक मंत्रियों को दूसरे दर्जे के विभाग मिले हैं, इस पृष्ठभूमि पर अब संबंधित विभाग के मंत्रियों में नाराजगी व्याप्त है, शिंदे गुट के तीन वैâबिनेट मंत्री अपने विभाग से खुश नहीं हैं, ऐसी जानकारी सामने आ रही है। जो मंत्री अपने विभाग से खुश नहीं हैं, उसमें शिंदे गुट के दादा भूसे, संदीपान भूमरे और दीपक केसरकर का समावेश बताया जा रहा है। बताया जाता है कि बंदरगाह और खनन विभाग जैसा दूसरे दर्जे का विभाग दादा भूसे को दिया गया है, जबकि महाविकास आघाड़ी सरकार में वे कृषि मंत्री थे।
इसे लेकर उन्हें नाराजगी है। इसी प्रकार रोजगार गारंटी, फलोत्पादन का पुराना विभाग मिलने के कारण संदीपान भुमरे और स्वूâली शिक्षा विभाग मिलने से दीपक केसरकर नाराज बताए जा रहे हैं। दीपक केसरकर को अति महत्वपूर्ण विभाग मिलने की अपेक्षा थी। महाविकास आघाड़ी सरकार में दीपक केसरकर गृह राज्यमंत्री थे। इसी प्रकार पहले चरण के मंत्रिमंडल विस्तार में स्थान न मिलने से निर्दलीय विधायक बच्चू कडू ने सार्वजनिक तौर पर नाराजगी व्यक्त की है। शिंदे गुट के विधायक संजय शिरसाट ने मंत्री पद पाने के लिए खूब प्रयत्न किया। अन्य प्रकार से ‘ईडी’ सरकार पर दबाव डालने का भी प्रयास किया, लेकिन पहले चरण के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें झुनझुना ही मिला। इसे लेकर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी व्यक्त की।

अन्य समाचार