मुख्यपृष्ठनए समाचारटीएमटी का कमाल  : कंडक्टर की कमी से खड़ी है बसें

टीएमटी का कमाल  : कंडक्टर की कमी से खड़ी है बसें

सामना संवाददाता / ठाणे
ठाणे परिवहन सेवा के बेड़े में १२३ नई इलेक्ट्रिक बसों में से १०६ बसें शामिल हो चुकी हैं, इनमें से ९९ सड़क पर दौड़ रही हैं, लेकिन बाकी बसें कंडक्टर न होने के कारण खड़ी हैं। वहीं परिवहन के बेड़े में बसों की कुल संख्या में से आज केवल ५० बसें ही सड़कों पर चल रही हैं। पुराने ठेकेदार की १८० से २०० बसें सड़क पर दौड़ रही हैं, लेकिन परिवहन अपनी बसें सड़क पर नहीं चला रहा है।
बता दें कि प्रदूषण रोकने के लिए टीएमटी में इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं। इस हिसाब से अब तक १०६ बेड़े में शामिल हो चुकी हैं। इनमें से केवल ९९ बसें सड़क पर दौड़ रही हैं। आज भी कोपरी डिपो में ७ बसें खड़ी हुई हैं, क्योंकि इन बसों में कोई कंडक्टर नहीं हैं। परिवहन सूत्रों ने बताया कि इन खड़ी बसों में टीएमटी का कंडक्टर नियुक्त किया गया है, फिर भी प्रतिदिन दो लाख का नुकसान हो रहा है। परिवहन बेड़े में वर्तमान में २४० ठेकेदार बसें, लगभग १५० अपनी बसें, ३० वोल्वो बसें, १०६ इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं, लेकिन सड़क पर वास्तव में ३५० बसें ही चल रही हैं। प्रतिदिन २ से २.५ लाख यात्री परिवहन से यात्रा कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान में परिवहन की स्थिति बेहद खराब है।
जब से परिवहन बेड़े में बिजली की बसों की शुरुआत हुई है इससे होनेवाली आय का एक बड़ा हिस्सा ठेकेदार को मिल रहा है। इससे टीएमटी को कम फायदा मिल रहा है। इसके बावजूद इलेक्ट्रिक बसों को अधिक महत्व देने का आरोप लग रहा है। उधर परिवहन बेड़े में शामिल बसों में से १५३ बसें पुरानी होने के कारण पहले ही खत्म हो चुकी हैं। इसके अलावा कुछ दिन पहले १७ और बसें निकाल दी गई थीं। ऐसे में परिवहन बेड़े में मात्र ५० बसें ही चल रही हैं, वहीं ठेकेदार की २४० बसों में से १८० से २०० बसें सड़क पर दौड़ रही हैं।
कंडक्टर कर रहे क्लर्क का काम
पिछले कुछ वर्षों में वागले आगर में कई क्लार्क सेवानिवृत्त हुए हैं। इसके अलावा अन्य पदों को भी डाउनग्रेड कर दिया गया है, जिससे अब बैठे हुए कंडक्टर को सीधे क्लर्क का काम करना पड़ रहा है। साथ ही यह भी पता चला है कि कंडक्टर को क्लर्क नियुक्त किया गया है, जिन्हें कभी-कभी वैâशियर, रिपोर्ट तैयार करने, टिकटों को मिलाने आदि का काम करना पड़ रहा है। परिवहन सूत्रों ने बताया कि आज भी यहां ६० से ७० कंडक्टर क्लर्क काम कर रहे हैं।
३० वोल्वो बसों में से २० बसें खड़ी
परिवहन बेड़े में ३० वातानुकूलित वॉल्वो हैं, लेकिन उनमें से २० छोटी-मोटी मरम्मत के साथ-साथ बड़ी मरम्मत के लिए मुल्लाबाग डिपो में खड़ी हैं। इन बसों को ठाणे से बोरीवली रूट पर उतारा जा रहा है, लेकिन अब इसकी संख्या भी १० पर आ गई है।

 

 

 

 

 

 

 

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