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मनपा स्कूलों में मिशन एडमिशन!

• पांच दिनों में ११,५०० से अधिक बच्चों का हुआ एडमिशन
• इस साल से शुरू होंगे आईबी और आईजीसीएसई बोर्ड के स्कूल
सामना संवाददाता / मुंबई । मनपा स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने ‘मिशन एडमिशन’ मुहिम चलाया है। इस मुहिम के तहत प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को मनपा स्कूलों में एक लाख नए छात्रों को प्रवेश दिलाने का लक्ष्य दिया गया है। शिक्षा विभाग को इसमें कामयाबी भी मिलती दिखाई दे रही है। महज पांच दिनों में ही ११,५०० से अधिक नए छात्रों को मनपा स्कूलों में एडमिशन दिलाने में सफलता मिली है। दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा का स्तर ले जाने के लिए सीबीएसई, आईसीएससी के बाद इस साल से व्रैंâब्रिज यूनिवर्सिटी से सलंग्न आईबी और आईजीसीएसई बोर्ड के स्कूलों को शुरू करने की तैयारी शिक्षा विभाग ने कर ली है।
अत्याधुनिक और सुसज्जित शैक्षिक सुविधाओं के कारण मनपा स्कूलों अर्थात मुंबई पब्लिक स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा विभाग ने इस वर्ष एक लाख नए प्रवेश का लक्ष्य रखा है। इसके लिए मिशन एडमिशन एक लक्ष्य यानी एक लाख वैंâपेन चलाया गया है। इस अभियान को भरपूर प्रतिसाद मिल रहा है। शिक्षा विभाग के मुताबिक १८ अप्रैल से शुरू इस वैंâपेन में ११ हजार ५४९ नए छात्रों का एडमिशन हुआ है। हालांकि एडमिशन प्रक्रिया ३१ जुलाई तक जारी रहेगी।
पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे की है यह संकल्पना
पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे की यह संकल्पना है। उनकी इस संकल्पना से मुंबई पब्लिक स्कूल में छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ चौ-तरफा प्रगति का मौका देने के लिए नाविन्यपूर्ण उपक्रमों को लागू किया जा रहा है। इसमें स्कूलों की इमारत, पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त अन्य उपक्रमों आदि सभी हरेक में बदलाव किया गया है। इसके चलते आज मनपा स्कूलों में बच्चों का एडमिशन दिलाने के लिए अभिभावकों में होड़ मच गई है।
संचालित होते हैं आठ भाषाओं के स्कूल
मनपा शिक्षा विभाग मराठी, हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, तमिल, तेलुगू, कन्नड़, गुजराती समेत कुल आठ भाषाओं के स्कूलों को संचालित कर रहा है। मनपा के १,१५० स्कूलों में नर्सरी से लेकर १०वीं तक की कक्षाओं में तीन लाख से अधिक छात्र पढ़ते रहे हैं। मनपा स्कूलों में बीते साल की तुलना में २९ हजार छात्र बढ़े हैं। इसके साथ ही मनपा ने सीबीएसई बोर्ड के ११ और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल को शुरू किया है। दूसरी तरफ देश में मुंबई एकमात्र मनपा है, जो ८ भाषाओं में शिक्षा मुहैया कराती है। इसके साथ ही मनपा स्कूलों में स्वतंत्र संगीत, कला, कार्य अनुभव, स्काउट-गाइड विभाग भी है।
मुंबई में मनपा बहा रही ज्ञान की गंगा
मनपा स्कूलों की पहचान अब मुंबई पब्लिक स्कूल के रूप में हो गई है, जिसके जरिए शहर में रहनेवाले मध्यम और गरीब परिवार के घरों में ज्ञान की गंगा बहाने का काम मनपा कर रही है। मनपा के इन स्कूलों में अनुभवी शिक्षक छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं। साल २०१९ में मनपा स्कूलों में १०वीं का रिजल्ट ५३.१४ फीसदी, साल २०२० में बढ़कर सीधे ९३.२५ फीसदी और साल २०२२ में १०० फीसदी रिजल्ट आया है।
शिक्षकों को स्पोकन अंग्रेजी का प्रशिक्षण
अन्य बोर्डों और अंतर्राष्ट्रीय बोर्डों के स्कूलों का शुभारंभ करते हुए मराठी भाषा के प्रचार के लिए ‘मराठी भाषा गौरव दिन’ नामक एक पुस्तिका प्रकाशित की जा रही है, जिसमें सभी भाषा के छात्रों की विभिन्न प्रतियोगिताएं, लेखकों का साक्षात्कार, उनके लेख, चयनित छात्र और शिक्षक शामिल हैं। इससे मराठी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के छात्रों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। मराठी और अन्य सभी क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ानेवाले स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार के लिए कक्षा एक से सभी स्कूलों में सेमी-अंग्रेजी कक्षाएं शुरू की गई हैं। इन स्कूलों के शिक्षकों को प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा स्पोकन अंग्रेजी में प्रशिक्षित किया गया है।

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