मुख्यपृष्ठस्तंभअपनी ही सरकार की फजीहत करवाते विधायक

अपनी ही सरकार की फजीहत करवाते विधायक

रमेश सर्राफ धमोरा

राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा की नई सरकार बन गई है। अभी तक मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो पाया है जिसकी कवायद चल रही है। मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल गठन व नई सरकार की कार्य योजना बनाने में व्यस्त हैं। वहांr भाजपा के कई नवनिर्वाचित विधायक अपने बड़बोले बयानों के चलते सरकार व पार्टी की फजीहत करवा रहे हैं। कई विधायक तो इतने बेतुके बोल बोल रहे हैं, जिससे उनकी स्वयं की छवि भी हास्यास्द दिख रही है।
अलवर के तिजारा से विधायक बने पूर्व सांसद बाबा बालकनाथ तो ३ दिसंबर की रात भिवाड़ी पहुंच गए थे। वहां उन्होने सबसे पहले पुलिस प्रशासन को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाई। आलमपुर मंदिर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन के लोग सुन रहे हैं आज से आपकी चौकीदारी आरंभ होती है। भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा से नवनिर्वाचित विधायक लालाराम बैरवा २३ दिसंबर को रायला में आयोजित शिविर में अवैध कोयला भट्टियों को लेकर बनेड़ा एसडीएम नेहा छीपा से कहने लगे कि अब सरकार बदल गई है काम में बदलाव लाएं। लालाराम बैरवा ने बनेड़ा उपखंड में चल रही अवैध कोयला भट्टियों को बंद करवाने के निर्देश दिए थे।
बैरवा ने उपखंड अधिकारी से अवैध कोयला भट्टियों को बंद करने के संबंध में सवाल पूछ लिया। जिस पर उपखंड अधिकारी ने बताया कि हमने ९१ के नोटिस जारी कर दिए हैं। अधिकारी के इस जवाब पर बैरवा भड़क उठे और कहा कि जब अतिक्रमण किया गया था तब आपसे पूछा था क्या? तो नेहा छीपा ने मना कर दिया। इस पर लालाराम बैरवा ने गुस्साते हुए कहा कि अतिक्रमण करने के लिए जब पूछा नहीं जाता है तो अतिक्रमण हटाने के लिए क्यों पूछा जाता है? इस पर उपखंड अधिकारी ने जवाब दिया कि नियम के अनुसार कार्रवाई की जाती है। इस पर उपखंड अधिकारी से बैरवा ने कहा आपकी नई नौकरी है तकलीफ में पड़ जाओगी।
मांडल से विधायक बने उदयलाल भडाना ने आरजिया में कहा कि अब गुंडों का एनकाउंटर करेंगे। सरकार बनते ही पांच कानून नए बने हैं । सरकार ने पुलिस को कह दिया है कि गुंडों, बदमाशों को जेल में डालो और ज्यादा हों तो एनकाउंटर करो। जोधपुर के शेरगढ़ से विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने बावरली गांव में विकसित भारत यात्रा के कार्यक्रम में १७ दिसंबर को अपने भाषण के दौरान लाइट गुल हो जाने पर डिस्कॉम के अफसरों से कहा ऐसी लापरवाही पर हाथों हाथ सस्पेंड कर दूंगा। कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एंबुलेंस को अन्य काम में लेने, ओपीडी में वरिष्ठ चिकित्सक नहीं बैठने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अवैध नॉनवेज की दुकानों को लेकर कहा कि तीन दिन में दुकानें हटा दी जानी चाहिए।
भाजपा में नए-नए जीत कर आए विधायकों द्वारा सरेआम अधिकारियों को डांट फटकार लगाई जा रही है। जिससे आम जन में अच्छा संदेश नहीं जा रहा है। यह सही है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने से बहुत से क्षेत्र में नए विधायक चुनकर आए हैं। इसलिए प्रदेश के लोगों को सत्ता बदलने का एहसास तो होना चाहिए। मगर उसके लिए शालीन तरीका भी अपनाया जा सकता है। राजनीति में नेता तो हर पांच साल बाद बदलते रहते हैं। मगर प्रदेश में अधिकारी व कर्मचारी तो स्थाई होते हैं। सत्ता बदलने के साथ ही अधिकारियों व कर्मचारियों की सीट तो बदली जा सकती है। मगर उन्हें नौकरी से नहीं हटाया जा सकता है।
ऐसे में जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ सामंजस्य बैठा कर जनता के हित के काम करवाने चाहिए। जिससे उनकी व सरकार की छवि खराब होने से बच सके। प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी को भी बड़बोले नेताओं के बयानों पर लगाम लगाने की दिशा में कार्यवाही करनी चाहिए। ताकि प्रदेश में सरकार के प्रति किसी तरह का नकारात्मक वातावरण नहीं बन पाए।
(लेखक राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार हैं। समाचार पत्रों मेंप्रकाशित होते हैं।)

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