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हार से डरी भाजपा! ….एमएलसी यशवंत सिंह को छह वर्ष के लिए भाजपा से निकाला

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ। समाजवादी पार्टी में सेंध लगाने को आतुर भारतीय जनता पार्टी भी बगावत से जूझ रही है। प्रदेश में एमएलसी चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। आजमगढ़ में भाजपा एमएलसी यशवंत सिंह द्वारा पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ अपने पुत्र को मैदान में उतारा था। यशवंत सिंह के पुत्र के प्रत्याशी बनने से भाजपा उम्मीदवार की स्थित काफी खराब हो गई है। जिसे लेकर काफी दिनों से उनके ऊपर कार्रवाई करने का खतरा मंडरा रहा था। सोमवार को इन अफवाहों पर विराम लग गया और पार्टी ने भाजपा एमएलसी यशवंत सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

विधानसभा चुनाव के बाद पूर्वांचल में भाजपा की ओर से यह बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। आजमगढ़- मऊ स्थानीय निकाय प्राधिकारी क्षेत्र से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी फूलपुर-पवई के पूर्व विधायक अरुण कुमार यादव हैं। उनके विरोध में सपा ने निवर्तमान एमएलसी राकेश कुमार यादव को मैदान में उतारा है। वहीं भाजपा एमएलसी यशवंत सिंह के पुत्र विक्रांत सिंह रिशु ने भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। पहले लग रहा था कि विक्रांत पर्चा वापस ले लेंगे, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
9 अप्रैल को एमएलसी चुनाव
सोमवार को पार्टी ने आखिरकार यशवंत सिंह पर कार्रवाई करते हुए उन्हें छह साल के पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस संबंध में प्रदेश महामंत्री और मुख्यालय प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ल ने पत्र जारी किया है। जिसमें उनको छह साल के पार्टी से निष्कासित किए जाने की बात कही है।आजमगढ़ भाजपा एमलएसी पद के प्रत्याशी अरुणकांत यादव सपा विधायक रमाकांत यादव के बेटे हैं। 9 अप्रैल को यूपी विधान परिषद की 36 सीटों के लिए मतदान होना है। हालांकि सत्ता के बल पर भाजपा कई सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल कर ली है।

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