मुख्यपृष्ठनए समाचारमोदी सरकार तड़ीपार; अबकी बार महाविकास आघाड़ी सरकार... भाजपा पार्टी नहीं ये...

मोदी सरकार तड़ीपार; अबकी बार महाविकास आघाड़ी सरकार… भाजपा पार्टी नहीं ये तो सड़ी-गली प्रवृत्ति है! … मावल लोकसभा क्षेत्र में उद्धव ठाकरे का तूफानी जनसंवाद

इसे तड़ीपार करना ही होगा
तभी आएंगे अच्छे दिन
सामना संवाददाता / मुंबई
देश की राजनीति में भाजपा जितना झूठा दल आज तक पैदा नहीं हुआ है। भाजपा पार्टी नहीं, बल्कि यह सड़ी-गली प्रवृत्ति है। इस प्रवृत्ति को हमें देश से खत्म करना पड़ेगा, तड़ीपार करना ही होगा। तभी देश में फिर से अच्छे दिन आएंगे। इस तरह का जबरदस्त हमला शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने किया। `मैंने भाजपा की तड़ीपारी की नोटिस दे दी है। इस नोटिस पर आप वोटों की मुहर लगाएं।’ इस तरह का बुलंद नारा भी उद्धव ठाकरे ने दिया। नारा सुनते ही मौके पर मौजूद जनमानस द्वारा लगाए गए `अबकी बार महाविकास आघाड़ी सरकार…नारे से समूचा क्षेत्र गूंज उठा।

भाजपा के विश्वासघात पर उद्धव ठाकरे ने किया जमकर प्रहार
मावल और रायग़ढ़ जीतेंगे मतलब जीतेंगे ही!

शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे का कल मावल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में जोरदार जनसंवाद दौरा हुआ। इस दौरे में पनवेल के गार्डन होटल परिसर, खोपोली में डॉ. जाखोटिया मैदान और उरण स्थित न्हावा शेवा मैदान पर एक के बाद एक तीन विशाल सभाएं हुर्इं। इस दौरान उद्धव ठाकरे ने भाजपा के विश्वासघात और घातियों की गद्दारी पर जमकर प्रहार किया। भाषण के शुरुआत में ही उद्धव ठाकरे ने चेताते हुए कहा कि मावल और रायग़ढ़ जीतेंगे मतलब जीतेंगे ही। उन्होंने कहा कि एक तरफ छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मस्थल और दूसरी ओर महाराज की राजधानी। उद्धव ठाकरे ने गरजते हुए कहा कि ऐसे छत्रपति के जिले में दूसरे किसी का नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ हमारे अधिकार का पवित्र भगवा ही लहराएगा।
शिवसेना न होती तो भाजपा को कंधा…
यह देश का पहला चुनाव नहीं है, लेकिन कदाचित फिर से यदि गलती से भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई तो यह देश का आखिरी चुनाव साबित होगा। इस तरह की चेतावनी भी उद्धव ठाकरे ने दी। उन्होंने आगे कहा कि गल्ली से लेकर दिल्ली वाले कह रहे हैं कि मैं फिर से आऊंगा। इस पर सवाल उठाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि यदि आप में इतना विश्वास है तो फिर आप दूसरे दलों में जोड़-तोड़ क्यों कर रहे हो। उन्होंने आगे कहा कि यदि शिवसेना नहीं होती और शिवसेना ने आपको कंधे पर बैठाकर महाराष्ट्र नहीं घुमाया होता तो आपको कंधा देने के लिए चार लोग भी इकट्ठा नहीं हुए होते। यही आपकी स्थिति होती और ये समय अब फिर से आ गया है। इस तरह की चेतावनी भी उद्धव ठाकरे ने दी।
नई मुंबई एयरपोर्ट को दि. बा. पाटील का नाम क्यों नहीं दिया, इसका जवाब दो
मोदी ने दस सालों में क्या किया, इस तरह का सवाल करते हुए उद्धव ठाकरे ने मोदी सरकार के कामकाज का पंचनामा ही कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार ने केवल कांग्रेस के काल से चली आ रही योजनाओं का नाम ही बदलता है और कुछ नहीं। जब मैं मुख्यमंत्री था तो नई मुंबई एयरपोर्ट को दि. बा़ पाटील का नाम दिया। उसके आगे क्या हुआ ये अब मोदी से पूछिए। यहां सब आगरी पट्टा है। उन्होंने दि.बा. का ही नाम मांगा, मैंने कहा, तुरंत दो। क्योंकि शिवसेना हमेशा स्थानीय लोगों की भावनाओं के साथ रहती है। उनकी भावनाओं के साथ नहीं खेलती है। हम भूमिपुत्रों की भावनाओं की कद्र करते हैं। मोदी सरकार ने उत्तर हिंदुस्थान में स्थित रेलवे स्टेशनों का नाम बदलकर अपने नेताओं के नाम दिए। इस पर उद्धव ठाकरे ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आप अपने नेताओं का नाम जरूर दें, लेकिन फिर हमारे दि. बा. का नाम नई मुंबई एयर पोर्ट को क्यों नहीं दिया, इसका जवाब दो।
कट्टर निष्ठावान शिवसैनिकों का किया सम्मान
इस दौरान मंच पर मौजूद पनवेल के कट्टर निष्ठावान वरिष्ठ शिवसैनिकों को उद्धव ठाकरे ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मंच पर बबन पाटील हैं, माधवराव भिडे हैं। शिरीष घरत, शिरीष बुटाला ये सभी बहुत पुराने कार्यकर्ता हैं। शिवसेना ने उन्हें कुछ नहीं दिया, फिर भी आज बालासाहेब को गए इतने साल होने के बाद भी उन्होंने न शिवसेना छोड़ी और न ठाकरे परिवार से दूर गए। इसे कहते हैं प्रेम और निष्ठा! उद्धव ठाकरे के इतना कहते ही तालियों की गड़गड़ाहट की आवाज गूंज उठी।
घोड़ा कमर पर कैसे लात मारता है अब देखो
मैंने गद्दारों को क्या नहीं दिया, जो दिया जा सकता था वह सब दिया। फिर भी उन्होंने हमारी पीठ पर वार किया। यहां के गद्दार सांसद की भी भला कहां कोई पहचान थी, लेकिन शिवसेना का नाम लेकर वह आपके सामने आया, इसलिए आपने उसे दो बार चुना। उन्हें लगता है कि घोड़े पर बैठा हूं, इसलिए मैं ही मालिक हूं और घोड़ा मेरा ही है। अब घोड़ा वैâसे कमर पर लात मारता है यह आपको पता चलेगा। इस तरह की फटकार भी उद्धव ठाकरे ने लगाई।
पीएम केयर फंड का बाप कौन है?
उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बनाए गए पीएम केयर फंड का भी पंचनामा किया। उन्होंने कहा कि यह फंड जांच के दायरे में नहीं आता है। उसमें कितने पैसे जमा हुए हैं यह किसी को भी पता नहीं है। इस पीएम केयर फंड का बाप कौन है। इस तरह का जोरदार सवाल उद्धव ठाकरे ने किया। प्रधानमंत्री के नाम से शुरू किए गए इस पीएम केयर फंड का क्या मतलब? और कल देश में महाविकास आघाड़ी, `इंडिया’ गठबंधन का प्रधानमंत्री बनता है तो उसे इस फंड विनियोग करने का अधिकार है या नहीं, यह भाजपा सार्वजनिक तौर पर बताए। इस तरह की चुनौती भी उद्धव ठाकरे ने दी।
कमलगौरी हिरू पाटील शिक्षण संस्था के लॉ कॉलेज का उद्घाटन
शिवसेना के रायग़ढ़ जिला संपर्कप्रमुख बबन पाटील की अगुवाई में शुरू किए गए कमलगौरी हिरू पाटील शिक्षण संस्था के तलोजा स्थित लॉ कॉलेज का उद्घाटन उद्धव ठाकरे के कर-कमलों से हुआ। इस लॉ कॉलेज के माध्यम से हर साल सैकड़ों युवा वकील बनेंगे और वे शिवसेना के साथ दृढ़ता के साथ खड़े रहेंगे। इस तरह का विश्वास भी उद्धव ठाकरे ने इस दौरान व्यक्त किया। बीते २७ साल से बबन पाटील इस कॉलेज के छात्रों को पूरी तरह से मुफ्त शिक्षण, यूनिफॉर्म, कॉपी-किताब और पोषण आहार दे रहे हैं। उनका यह कार्य सराहनीय है। इस तरह का गौरवोद्गार भी उद्धव ठाकरे ने किया।

इस दौरान शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत, शिवसेना नेता अनंत गीते, विधायक सचिन अहिर, शिवसेना सचिव मिलिंद नार्वेकर, उपनेता विजय कदम, मावल लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र संगठक संजोग वाघेरे-पाटील, संपर्कप्रमुख बबन पाटील, जिलाप्रमुख शिरीष घरत, जिलाप्रमुख सुरेंद्र म्हात्रे, शेकाप के विधायक जयंत पाटील, शेकाप के पूर्व विधायक बालाराम पाटील, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष महेंद्र घरत, शेकाप के पूर्व नगराध्यक्ष जे.एम. म्हात्रे, जगदीश गायकवाड, उपजिलाप्रमुख रामदास पाटील, योगेश तांडेल, महानगरप्रमुख एकनाथ म्हात्रे, तालुकाप्रमुख विश्वास पेटकर, रघुनाथ पाटील, गणेश म्हात्रे, शहरप्रमुख प्रवीण जाधव आदि उपस्थित थे।

अन्य समाचार