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अपराधियों के सामने साष्टांग हुई मोदी सरकार … हर घंटे ३ मर्डर, हर दिन ७८ हत्याएं!

• महिला-बच्चों के खिलाफ अपराधों में हुई बढ़ोतरी
• एनसीआरबी की दिल दहलानेवाली रिपोर्ट

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने देश में हुए आपराधिक आंकड़ों की तस्वीर पेश की है जो कि दिल दहलानेवाली है। रिपोर्ट की मानें तो देश में हर घंटे ३ मर्डर हो रहे हैं और हर दिन ७८ हत्याओं की घटना सामने आ रही है। यही नहीं महिला और बच्चों के खिलाफ अपराध में आशातीत वृद्धि हुई है। साथ ही पिछले साल डिजिटल अपराधों में ७५ फीसदी की वृद्धि हुई। यानी मोदी सरकार का डिजिटल इंडिया मिशन पूरी तरह से डिस्ट्रॉय हो गया है। इस रिपोर्ट से यही प्रतीत होता है कि मोदी सरकार अपराधियों के सामने साष्टांग हो गई है। देश में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई है और हर घंटे लगभग ५१ एफआईआर दर्ज की गर्इं। बच्चों के विरुद्ध अपराधों में ८.७ प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इन पांच राज्यों में महिलाओं के विरुद्ध अपराध के कुल ५०.२ प्रतिशत मामले दर्ज हुए। आंकड़ों के मुताबिक, देश में २०२१ में बच्चों के विरुद्ध अपराधों के १,४९,४०४ मामले पंजीकृत हुए थे जो २०२२ में बढ़कर १,६२,४४९ हो गए। सबसे ज्यादा मामले अपहरण के थे। किशोरों के विरुद्ध दर्ज मामलों में दो प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। २०२१ में किशोरों के विरुद्ध ३१,१७० मामले पंजीकृत किए गए थे जो २०२२ में घटकर ३०,५५५ रह गए।  २०२२ में दर्ज कुल मामलों में से ६४.८ प्रतिशत धोखाधड़ी के उद्देश्य से किए गए अपराधों के थे।
हर घंटे हुर्इं तीन हत्याएं
वर्ष २०२२ में हत्याओं के कुल २८,५२२ मामले पंजीकृत किए गए। यानी प्रतिदिन औसतन ७८ और प्रति घंटे तीन हत्याएं हुर्इं। जबकि २०२१ में हत्या के २९,२७२ और २०२० में २९,१९३ मामले दर्ज किए गए थे। प्रति लाख की आबादी पर हत्या की दर २.१ रही। संख्या के लिहाज से देखें तो सबसे ज्यादा हत्याएं उत्तर प्रदेश में हुर्इं। उसके बाद बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान का स्थान है।
वित्तीय अपराधों में मुंबई सबसे आगे
साइबर अपराध में २४.४ प्रतिशत की वृद्धि हुई है. जहां २०२१ में ५२,९७४ मामले तो २०२२ में ६५,८९३ मामले सामने आए। देश में महानगरों की बात करें तो वित्तीय अपराधों में मुंबई सबसे आगे है। अकेले मुंबई में २०२२ में ६ हजार ९६० वित्तीय अपराध दर्ज किए गए हैं। दूसरे स्थान पर हैदराबाद है जहां ६ हजार १५ वित्तीय अपराध दर्ज किए गए। जब ५० करोड़ रुपए या उससे अधिक की धोखाधड़ी की बात आती है, तो मुंबई दूसरे और दिल्ली पहले स्थान पर है। पिछले साल मुंबई में १० और दिल्ली में १२ ऐसे अपराध दर्ज किए गए थे। वित्तीय धोखाधड़ी के अपराधों में महाराष्ट्र चौथे स्थान पर है। राज्य में ५० करोड़ रुपए या उससे अधिक की धोखाधड़ी के २० मामले सामने आए। इनमें से पांच मामलों में धोखाधड़ी की रकम १०० करोड़ से ज्यादा बताई गई है।

महिलाओं के विरुद्ध अपराध?
३१.४ज्ञ् पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता
१९.२ज्ञ् अपहरण
१८.७ज्ञ् शील भंग करने के इरादे से हमला
७.१ज्ञ् दुष्कर्म

साइबर अपराध के सबसे अधिक मामले
बेंगलुरु में ९,९४०
मुंबई में ४,७२४
नई दिल्ली में ६८५

वर्षवार महिलाओं के विरुद्ध अपराध
२०२० में ३,७१,५०३
२०२१ में ४,२८,२७८
२०२२ में ४,४५,२५६

२०२२ में इन राज्यों में महिलाओं के विरुद्ध सबसे अधिक मामले
उत्तर प्रदेश में ६५,७४३
महाराष्ट्र में ४५,३३१
राजस्थान में ४५,०५८
बंगाल में ३४,७३८
मध्य प्रदेश में ३२,७६५

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