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ताज पर बंदरों का राज! गर्मी में फाउंटेन में नहा रहे मंकी

  • बाहर सांड़ों की लड़ाई में टूटा आरओ

सामना संवाददाता / आगरा
ताजमहल पर आवारा जानवरों के कारण पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ताजमहल के फाउंटेन को बंदरों ने स्वीमिंग पूल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ताजमहल के गेट पर आवारा सांड़ों की लड़ाई में आरओ क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि लड़ाई के वक्त ताजमहल बंद हो चुका था और वहां कोई पर्यटक मौजूद नहीं था। ताजमहल पर बंदर, कुत्ते, मधुमक्खियां और आवारा सांड़ों का आतंक चरम पर है। जिम्मेदार इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। कल ताजमहल के पूर्वी गेट पर दो आवारा सांड़ आपस में भिड़ गए। दोनों की लड़ाई में गेट पर लगा पानी का आरओ क्षतिग्रस्त हो गया। पूरे मामले को वहां से गुजर रहे युवक ने मोबाइल में कैद  कर लिया।
ताजमहल बना स्वीमिंग पूल
ताजमहल पर पानी के नलों पर मधुमक्खियों के चलते परेशानी होती है। बाहर और अंदर दोनों ही जगह आवारा कुत्ते भी पर्यटकों को परेशान करते हैं। बाहर आवारा गाय और सांड़ के बार पर्यटकों को नुकसान पहुंचा चुके हैं। परिसर में बंदरों के जबरदस्त आतंक हैं। कल ताजमहल के अंदर का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दर्जनों बंदर ताजमहल के फाउंटेन के अंदर डुबकियां लगा रहे हैं। इससे पूर्व नलों पर बंदरों के पहरे का वीडियो सामने आ चुका है। बता दें कि मधुमक्खियों के छत्तों को हटाने की जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग की है। बंदर पकड़ कर जंगल में छोड़ना वन विभाग का काम है और आवारा कुत्तों, गाय और सांड़ को पकड़ना नगर निगम की जिम्मेदारी है। तीनों ही विभागों का पर्यटकों की सुविधा की ओर ध्यान नहीं है।
कम नहीं हो रहा बंदरों का आतंक
ताजमहल समेत पूरे आगरा में बंदरों का आतंक है। पूर्व में दो करोड़ खर्च कर प्रशासन ने आगरा में बंदरों को पकड़ कर उनकी नसबंदी शुरू की थी। कई जगह पिंजरे लगाए गए थे पर बाद में यह योजना खत्म हो गई। आगरा में बंदरों की संख्या में १० वर्षों में तीन गुना इजाफा हुआ है। इसके बावजूद तमाम पशु प्रेमी संस्थाओं के विरोध के चलते इसका कोई उचित उपाय नहीं है।

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