तुम्हीं से मां

तुम्हीं से जीवन की डोर बंधी है,
तुम्हीं से मां मेरी सांसें चली हैं।
तुमसे ही मां मेरा दिन होता है,
और तुम्हीं से मेरी सांझ ढली है।
तुमसे ही चमन में फूल खिलते हैं,
तुमसे ही मां खिले हृदय की कली है।
तुमसे ही मेरा जीवन चलता है,
तुमसे ही मुझको पहचान मिली है।
तुमसे ही मुझको संस्कार मिले हैं,
तुमसे दिखती सूरत भली-भली है।
तुमसे ही मां अधर मुस्कुराते हैं,
तुम्हीं से जीवन में मिठास घुली है।
तुमसे ही जीवन में रंग भरे हैं,
और तुम्हीं से सब आफतें टली हैं।
तुम्हीं से मां हवा हुई संदली है,
तुम्हीं से मां चांदनी धुली-धुली है।
तुमसे मेरी दुनिया खूबसूरत है,
और जिंदगी हो गई मखमली है।

नलिन खोईवाल,
इंदौर

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