मुख्यपृष्ठअपराधएमएससी से ‘एमडी'! विज्ञान के ज्ञान से बनाने लगा ड्रग्स

एमएससी से ‘एमडी’! विज्ञान के ज्ञान से बनाने लगा ड्रग्स

जितेंद्र मल्लाह / मुंबई
आमतौर पर एक में एक जुड़ता है तो दो बनता है। जोड़नेवाले एक में एक जोड़कर ११ भी बनाते हैं। इसी तरह के जोड़-घटाने का खेल मुंबई पुलिस की एंटी नार्कोटिक्स सेल (एएनसी) ने खेला। एएनसी की वर्ली यूनिट ने एक आरोपी के साथ ४ और आरोपियों को जोड़ा तो २५० ग्राम मेफ्रेड्रोन यानी एमडी ड्रग्स ७०५ किलो हो गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुल कीमत करीब १४ सौ ८ करोड़ रुपए आंकी गई है। इसमें दिलचस्प जानकारी ये सामने आई है कि एएनसी की टीम ने जिस पांचवें आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसे इस ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टर माइंड माना जा रहा है। वह उच्च शिक्षित है। उसने ऑर्गेनिक केमेस्ट्री से एमएससी की पढ़ाई की है। विज्ञान की पढ़ाई से मिले ज्ञान का इस्तेमाल वह नशीला जहर बनाने के लिए कर रहा था। उक्त नशीला जहर देश का भविष्य कही जानेवाली युवा पीढ़ी की बर्बादी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
२९ मार्च, २०२२ को एएनसी की वर्ली यूनिट ने गश्त के दौरान गोवंडी इलाके से एक ड्रग्स विक्रेता को ३७ लाख ५० हजार रुपए के २५० ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। डीसीपी दत्ता नलावडे ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप काले के मार्गदर्शन में एएनसी वर्ली यूनिट की टीम ने गोवंडी से गिरफ्तार ड्रग्स विक्रेता से पूछताछ के बाद मादक पदार्थों का काला धंधा करनेवाले तीन और लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपी क्रमांक दो के पास से दो किलो ६७० ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुआ, जिसकी कीमत ४ करोड़ १४ लाख रुपए आंकी गई थी। आरोपी दो से पूछताछ के बाद एएनसी ने २७ जुलाई को एक महिला तथा २ अगस्त को एक अन्य आरोपी को हिरासत में लिया। उक्त चौथे आरोपी से पूछताछ के बाद एएनसी की टीम पालघर जिले के नालासोपारा क्षेत्र में रहनेवाले ५२ वर्षीय शख्स तक पहुंची। उसके ठिकाने से ७०१ किलो ७४० ग्राम एमडी ड्रग्स और बरामद हुआ, जिसकी कीमत १,४०३ करोड़ ४८ लाख रुपए बताई जा रही है।
थोक में बेचता था नशीला जहर
डीसीपी दत्ता नलावडे के अनुसार नालासोपारा से गिरफ्तार पांचवा आरोपी दवा के कारखाने में खुद एमडी ड्रग्स बनाता था और उसे मुंबई व आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय बड़े ड्रग्स विक्रेताओं को बेचता था। वह सोशल नेटवर्किंग साइट ‘टेलीग्राम’, ‘वाइबर’ आदि के जरिए अपने ग्राहकों के संपर्क में रहता था और मांग के अनुसार मादक पदार्थ की आपूर्ति करता था। खास बात ये है कि वह अपने ग्राहकों को २५ किलो से कम ड्रग्स नहीं बेचता था। उसके ग्राहकों के मुख्य टार्गेट कौन थे? वह ड्रग्स कहां बनाता था? क्या उसका अंडरवल्र्ड से कोई कनेक्शन है और मादक पदार्थों के गोरखधंधे की कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए तो नहीं था न? इसकी जांच एएनसी कर रही है।
लालच में ‘बार्बर’ भी बन गया तस्कर
मुंबई सेंट्रल (पूर्व) स्थित सेंट बेलासिस रोड पर गश्त के दौरान एएनसी घाटकोपर यूनिट की टीम ने एक शख्स को ९९५ ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है, जिसकी कीमत एक करोड़ ९९ लाख रुपए आंकी गई है। दिलचस्प बात ये है कि गिरफ्तार आरोपी पेशे से बार्बर यानी नाई है। कम समय में मोटी कमाई के लालच में वह मादक पर्दाथों की तस्करी करने लगा।

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