मुख्यपृष्ठसमाचारएमपी-एमएलए कोर्ट में मुख्तार की सुनवाई पूरी, सौंपी गई चार्जशीट 

एमपी-एमएलए कोर्ट में मुख्तार की सुनवाई पूरी, सौंपी गई चार्जशीट 

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ। जमीन कब्जाने के मामले में बांदा जेल में बंद बाहुबली पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी को एंबुलेंस से कड़ी सुरक्षा में राजधानी लखनऊ लाया गया। लखनऊ एमपी-एमएलए कोर्ट में मुख्तार अंसारी पेश हुए। कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद बांदा जेल के लिए लेकर पुलिस निकल गई। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस उसे लेकर निकली। अदालत में मुख्तार अंसारी को चार्जशीट की कॉपी सौंपी गई। चौकसी के मद्देनजर मुख्तार अंसारी के काफिले की नॉनस्टॉप वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग की जा रही है। काफिले में पुलिस के अलावा मुख्तार के खास लोग भी शामिल रहे। लखनऊ के पीजीआई इलाके से होते हुए काफिला पहुंचा। एंबुलेंस में मुख्तार अंसारी के साथ कई वकील भी मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

बता दें कि मुख्तार को पिछले साल सात अप्रैल को पंजाब से बांदा जेल लाया गया था। वह जेल की १६ नंबर बैरक में है। बताते हैं कि जेल में मिलाई पर रोक के बावजूद मुख्तार के बेटे, पत्नी, भाई आदि लगभग हर हफ्ते आकर जेल में मुख्तार से मुलाकात करता रहा। जेल के अंदर व बाहर मुख्तार की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई है। पहले भी वह बांदा जेल में ही था। उधर पता चला है कि लखनऊ ले जाए जाने की भनक लगते ही मुख्तार के लोग उनके काफिले के आगे पीछे या आसपास रहने को बेहद गुपचुप ढंग से बांदा के आसपास देर रात पहुंच गए। प्रशासन को इसकी भनक लगने के बाद भी वह अनजान बनी रही। उसके ऊपर मुख्तार को बांदा से लखनऊ पहुंचना और फिर लखनऊ से बांदा जेल की बैरक तक वापस पहुंचाने का दबाव था। मुख्तार का काफिला फतेहपुर से लालगंज होते हुए लखनऊ लाया गया था, जिसको लेकर स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे थे। जगह-जगह पुलिस लगाई गई थी। मुख्तार की सुरक्षा और उसकी एक झलक पाने के लिए उसके समर्थकों ने कोर्ट के चप्पे-चप्पे को घेर लिए थे। मीडिया के लोगों का भी भारी जमावड़ा था। प्रशासन की नींद इस लिए उड़ी रही कि मुख्तार के काफिले में सुरक्षा कर्मियों के साथ कुछ प्राइवेट वाहन भी साथ थे। लोगों का कयास है कि प्राइवेट वाहनों में मुख्तार के समर्थक रहे होंगे। यदि कोई अनहोनी हो गई तो क्या होगा।

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