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मुंबई को मिले टोल से मुक्ति, एंट्री पॉइंट के पांचों टोल नाके हों बंद! आदित्य ठाकरे ने मनपा प्रशासक को लिखा पत्र, कहा- हमारी सरकार आएगी तो मुंबई में टोल होगा बंद

 राजस्व एमएमआरडीए को और मेंटेनेंस मनपा करे, नहीं चलेगा
 भ्रष्टाचारी सरकार की डेडलाइन नजदीक
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य सरकार के इशारों पर मनपा में बड़े पैमाने पर घोटाला शुरू है। सड़क कॉन्क्रिटाइजेशन, सेनेटरी पैड मशीन, स्ट्रीट फर्नीचर आदि घोटालों में सरकार घिरी हुई है। अब गड़बड़ कामकाज से आगे बढ़ते हुए गद्दार सरकार ने मनपा के खजाने के साथ-साथ अब जनता की जेब से सीधे लूट शुरू कर दी है, ऐसा गंभीर आरोप शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे ने गद्दार सरकार पर लगाया है। उन्होंने कहा कि मुंबई में पूर्वी एवं पश्चिमी हाईवे के मेंटेनेंस आदि का जिम्मा मनपा को सौंप दिया है, लेकिन इस हाईवे पर बने टोल और विज्ञापन के लिए होर्डिंग के अधिकार अब भी एमएमआरडीए के पास ही हैं। मतलब टोल टैक्स मुंबईकर भरें, टोल और विज्ञापनों से होने वाली कमाई एमएमआरडीए की जेब में जाए तथा मेंटेनेंस का काम मनपा मुंबईकर के टैक्स अर्थात गाढ़ी कमाई से किया जाए, यह नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि हम टोल नाके पर कोई आंदोलन नहीं करेंगे, क्योंकि ट्रैफिक जाम होने से जनता को तकलीफ होगी। हम जनता को आश्वस्त करते हैं कि राज्य और देश में भी हमारी सरकार बनने वाली है। जब हमारी सरकार बनेगी तो हम पांचों टोल नाकों पर टोल वसूली बंद कर देंगे।
आदित्य ठाकरे ने इस संदर्भ में मनपा आयुक्त व प्रशासक इकबाल सिंह चहल को पत्र लिख कर इस विषय में उचित कदम उठाने की मांग की है। सोमवार को ‘मातोश्री’ में आयोजित पत्रकार परिषद के दौरान उन्होंने मांग की है कि पश्चिमी और पूर्वी हाईवे पर पांचों टोल नाकों पर जमा होनेवाला राजस्व और इन हाईवे पर लगे विज्ञापन के होर्डिंग के पैसे मनपा के खजाने में जमा होने चाहिए।

भ्रष्टाचारी है शिंदे सरकार
इस भ्रष्टाचारी सरकार की डेडलाइन नजदीक है। किसी भी समय यह सरकार जाएगी। तमाम घोटाले को लेकर सरकार फंसी है। राज्य में और देश में भी हमारी सरकार बनने वाली है। जब हमारी सरकार आएगी तो जो भी घोटाले हैं, सबकी जांच होगी। उन अधिकारी और नेताओं को जेल भेजेंगे। उन्होंने कहा कि यह सरकार समाज में विष पैâला रही है।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि इसके लिए असंवैधानिक सरकार के मुख्यमंत्री से वे खुद मुलाकात करेंगे।
आदित्य ठाकरे ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि मुंबई ही नहीं महामुंबई के मुद्दों पर भी जोर दिया जाएगा। मुंबई के आस-पास शहरों में भी आने-जाने वालों से दोनों महामार्गों पर टोल वसूले जाते हैं। अक्टूबर में ही एमएमआरडीए ने इन हाईवे के मेंटेनेंस काम मनपा को सौंप दिए हैं। जिसके तहत रंगाई-पुताई, लाइट बिल, गड्ढे पाटने, मरम्मत कार्य आदि सब मनपा को करना है। इसके मेंटेनेंस के लिए मुंबईकरों की जेब से पैसा खर्च होगा। जबकि टोल नाके का पैसा एमएमआरडीए को जाएगा। विज्ञापन का पैसा भी उन्हें ही जाएगा। आखिर क्यों? मुंबईकरों पर अतिरिक्त बोझ क्यों?
उन्होंने कहा कि जब इन हाईवे का मेंटेनेंस मनपा को दिया गया है तो टोल नाके और विज्ञापन होर्डिंग्स का पैसा भी मनपा को मिलना चाहिए। इसके साथ ही मुंबई-गोवा हाईवे भी कई वर्षों से बना नहीं है। फिलहाल, रायगड का पालक मंत्री कौन है, इस पर ही बवाल शुरू है। उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड की संकल्पना हमारी है। इस पर मुंबईकरों को कोई टोल नहीं देना होगा।
गद्दार सरकार पर व्यंग्य
उन्होंने कहा कि इस मामले में वे असंवैधानिक सरकार के गद्दार मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। जब उनके पास बाहर राजनीतिक मुद्दों के लिए वक्त है तो मुंबई के विषय के लिए वक्त क्यों नहीं, आज भी मुंबई मनपा में १५ वॉर्डों में ऑफिसर नहीं हैं। ऐसे वैâसे कामकाज होगा। यह सच है अब तक हम जनहित में आंदोलन करते आए हैं, हमने लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए कभी आंदोलन नहीं किया है। राज्य में और देश में भी हमारी सरकार बनने वाली है।
राहुल गांधी को कोर्ट ने दिया न्याय
राहुल गांधी को जो राहत मिली है, वह लोकसभा सचिव ने नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट ने दी है और यह उचित है। उसके योग्य है, जो लोगों से इस्तीफा लेना सही है तो गद्दारों का इस्तीफा लें। आखिर, ‘इंडिया’ को न्याय कोर्ट से मिला है। कोर्ट के आदेश का लोकसभा को वह सम्मानपूर्वक पालन करना पड़ा है। इस सरकार में जो भी सत्य के साथ है। उसकी आवाज दबाने की साजिस हो रही है। हम ऐसा नहीं होने देंगे।

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