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मुंबई-गोवा हाइवे ३१ दिसंबर से पहले करें पूरा …वर्ना होगी अवमानना की कार्रवाई …हाई कोर्ट का अल्टीमेटम

सामना संवाददाता / मुुंबई 
मुंबई गोवा महामार्ग का चार लेन निर्माण कार्य पूरा करने में लापरवाही बरत रही शिंदे सरकार सहित केंद्र की मोदी सरकार को बुधवार को हाई कोर्ट ने आखरी मौका दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बस बहुत हो गया आपका डेडलाइन पर डेडलाइन का नाटक। ३१ दिसंबर से पहले महामार्ग का काम पूरा करें,यह आखिरी मौका दिया जा रहा है, वर्ना अधिकारियों पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी, ऐसी चेतावनी मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने दी है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर की पीठ ने एनएचए और राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि दोनों एजेंसीज दिसंबर के अंत तक इस राजमार्ग का काम पूरा करने में विफल रहती हैं, तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा और अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। मुंबई गोवा हाईवे का फोरलेन हाईवे का काम २०११ में शुरू हुआ था। २०१७ में दोनों एजेंसियों ने इस काम को दिसंबर २०२० तक पूरा करने का वादा किया था। हालांकि याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट का ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित किया कि काम पूरा होने के आश्वासन और अदालत द्वारा इसके लिए बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद मार्ग का काम पूरा नहीं हुआ है। अब एनएचए और राज्य सरकार की ओर से इस काम को दिसंबर २०२४ तक पूरा करने का नया आश्वासन दिया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को यह भी बताने की कोशिश की कि दोनों एजेंसियों ने गारंटी देने के अलावा कुछ नहीं किया है। वहीं इस हाईवे का काम कई चरणों में किया जा रहा है और पहले दो चरण का काम एनएचए और बाकी चरण का काम राज्य सरकार कर रही है। एनएचए की ओर से वरिष्ठ वकील सीतलवाड़ ने भी कोर्ट को आश्वासन दिया कि दिसंबर के अंत तक हाईवे का काम पूरा हो जाएगा, दस चरणों में से तीन चरणों का काम पूरा हो चुका है और शेष चरणों का काम भी साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।

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