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विश्व की स्वास्थ्य राजधानी बने मुंबई!-पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे

हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे चिकित्सा महाविद्यालय की नई इमारत का लोकार्पण

सामना संवाददाता / मुंबई। कोविड महामारी के दौरान मनपा द्वारा मुंबई मॉडल के तहत किए गए उल्लेखनीय कार्य की आज विश्व में सराहना हो रही है। मनपा शिक्षा, पानी स्वास्थ्य जैसी सस्ती और कुशल बुनियादी सुविधाएं प्रदान कर रही है। मुंबई मनपा देश की एकमात्र ऐसी महानगपालिका है, जिसका अपना मेडिकल कॉलेज है। मुंबई में जो भी करें वह विश्व में सर्वोत्तम हो, इस पर हमारा फोकस है। मुंबई विश्व की स्वास्थ्य राजधानी बने, यह हमारा लक्ष्य है। ऐसा वक्तव्य पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे चिकित्सा महाविद्यालय की नई इमारत के लोकार्पण समारोह के अवसर पर व्यक्त किया।
विलेपार्ले (प) स्थित मनपा के कूपर अस्पताल व हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे चिकित्सा महाविद्यालय की नई इमारत का लोकार्पण कल पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के हाथों हुआ। इस दौरान राज्य के उद्योग मंत्री सुभाष देसाई, परिवहन मंत्री एड. अनिल परब, स्थानीय सांसद गजानन कीर्तिकर, विधायक सुनील शिंदे, पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री दीपक सावंत आदि उपस्थित थे। इस दौरान आदित्य ठाकरे ने कहा कि कोरोना संक्रमण के नए मामले १०० के नीचे आ गए हैं। बीते दो सालों में कोविड महामारी का सामना करते समय डॉक्टर देवता हैं, यह हम सभी ने करीब से अनुभव किया है। कोविड का पूर्वानुभव नहीं था। इसलिए शुरुआत में वास्तविक तौर पर वैâसे और क्या करें, यह किसी को भी पता नहीं था। हालांकि कुछ ही दिनों में सभी स्वास्थ्य तंत्र और मनपा प्रशासन ने जो काम किया, उसका आज भी देश ही नहीं बल्कि समूचे विश्व में सराहना हो रही है। पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मार्गदर्शन में बहुत ही कम समय यानी १० से १५ दिन के भीतर जंबो कोविड सेंटरों को खड़ा किया गया। ऑक्सीजन से लेकर दवाओं तक सभी उपाय योजनाएं कर मनपा ने देशभर से आए मरीजों को जीवनदान दिया है। इस कालावधि में दिमाग को ठंडा रखकर काम वैâसे किया जाता है, यह सबसे पहले डॉक्टरों ने सिखाया।
काकाणी को अलग जिम्मेदारी दिए जाने के संकेत
मुंबई मनपा के अतिरिक्त आयुक्त सुरेश काकाणी २०२० से कार्यरत हैं। उन्होंने कोरोना की परिस्थितियों को बड़ी कुशलता और शांति से संभाला। कूपर अस्पताल की नई इमारत का काम भी उनके ही मार्गदर्शन में बहुत ही कम समय में पूरा हुआ है। वे ३० अप्रैल को निवृत्त हो रहे हैं। पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि अच्छे कार्यों का रिटायरमेंट नहीं होता है। उनके अनुभव और मार्गदर्शन की हमें जरूरत पड़ेगी। हम काकाणी सर को नहीं छोड़ेंगे। उन्हें हम अपने साथ लेंगे। यह कहते हुए उन्होंने काकाणी को अलग जिम्मेदारी देने के संकेत दिए हैं।
२५ हजार बेड उपलब्ध कराने का लक्ष्य
वास्तविक रूप से ऐसी इमारतों, चिकित्सा महाविद्यालयों को खड़ा करते समय अनेकों अनुमतियां लेनी पड़ती हैं। यह प्रक्रिया बहुत ही कठिन है। उन्होंने कहा कि मुंबई मनपा की स्वास्थ्य यंत्रणा में शामिल बेडों की संख्या २५ हजार तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। विश्व में जो भी अच्छे काम हैं, उसे मुंबई में लाएंगे।
मनोरंजन केंद्र होंगे स्थापित
पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने घोषणा की कि लगातार तनाव की स्थिति में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करनेवाले डॉक्टरों के लिए जिला योजना समिति की निधि से मनोरंजन केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र में योग और इसी तरह की सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकेगी मनपा की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं
उद्योग मंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि मुंबई उपनगर के लिए हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे चिकित्सा महाविद्यालय के रूप में एक स्वतंत्र मेडिकल कॉलेज कार्यान्वित हुआ है। ऐसे में अब मनपा की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकेंगी। कोविड काल में मुंबई मॉडल और धारावी मॉडल की पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है। मुंबई ने अपना काम बखूबी किया। राजनीतिक दल जनसेवा की भावना से दिन-रात डॉक्टरों को फोन करते हैं, फिर भी डॉक्टर बिना परेशान हुए शांति से सहयोग करते हैं। उनका यह काम प्रशंसनीय है। उन्होंने आगे कहा कि हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने मुंबई का पूरा खयाल रखा। इसी प्रकार राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी मुंबईकरों की स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देते हैं।
मुंबई में आते ही ठीक होता है मरीज
आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई मनपा ने कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता पाई है। केंद्र सरकार से लेकर देशभर से मुझे फोन आ रहा था। मैं अपने एक मरीज को भेज रहा हूं, जरा उसे देख लें। मुंबई मनपा और यहां के अस्पतालों ने देश को इतना भरोसा दिया है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई मनपा ने पूरे देश में यह धारणा बना ली है कि मरीज चाहे कोरोना अथवा किसी अन्य बीमारी का हो, जब वह मुंबई आता है, तो उसे मनपा अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है और वह ठीक होकर बाहर निकलता है।

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