मुख्यपृष्ठनए समाचारअक्टूबर हीट से बेहाल हुए मुंबईकर

अक्टूबर हीट से बेहाल हुए मुंबईकर

– अस्पतालों में बढ़े सिरदर्द, जलन, पेट दर्द, चक्कर आने की समस्या के मरीज

अशोक तिवारी / मुंबई

पिछले कुछ दिनों से मुंबई में भीषण गर्मी बढ़ गई है। बढ़ती गर्मी शहरवासियों के लिए परेशानी बनती जा रही है, जिसकी वजह से मुंबई के अस्पतालों में अचानक से सिर दर्द, जलन, पेट दर्द और चक्कर आने के मरीजों की तादाद बढ़ गई है। लगातार धूप में काम करने से शरीर के तापमान नियंत्रण प्रणाली में खराबी आ जाती है। परिणामस्वरूप, शरीर में पानी का स्तर कम हो जाता है। इसलिए डॉक्टर बिना किसी सुरक्षा के धूप में निकलने पर हीट स्ट्रोक से पीड़ित होने की आशंका जता रहे हैं।
अक्टूबर माह में गर्मी अत्यधिक बढ़ जाने के कारण नागरिक उल्टी, चक्कर आना, निर्जलीकरण, बेहोशी, हीट स्ट्रोक से पीड़ित हो जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से मुंबई में गर्मी का प्रकोप बढ़ने से नागरिक सहम गए हैं। मुंबई में नमी अधिक होने के कारण धूप की तीव्रता अधिक महसूस होती है। अगर अगले कुछ दिनों तक स्थिति ऐसी ही बनी रही तो मुंबईकरों को और अधिक परेशानी होने की संभावना है। भीषण गर्मी में शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पानी पीना आवश्यक है। इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन की ने कहा है कि गर्मी के कारण आने वाले दिनों में नागरिकों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
पिछले कुछ दिनों से वातावरण में बदलाव के कारण मुंबई में गर्मी बढ़ती जा रही है, जो नागरिक इस तपते सूरज में लगातार काम करते हैं, उन्हें सिरदर्द, जलन, पेट दर्द, चक्कर आने की समस्या होने की संभावना रहती है। अक्सर शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए बढ़ती गर्मी को देखते हुए नागरिकों को सावधान रहने की जरूरत है। धूप में निकलने से बचें, अगर बाहर जाना है तो सिर पर टोपी और आंखों पर चश्मा जरूर लगाएं। इसके अलावा अपने साथ पानी की एक बोतल रखें, अधिक फल खाएं, ताकि आपको तपते सूरज से ज्यादा परेशानी न हो। सूर्य के दुष्प्रभाव से थकान, बेहोशी, चक्कर आना, बुखार और अत्यधिक मामलों में हीटस्ट्रोक, निर्जलीकरण हो सकता है।
डॉ. विनायक सावरदेकर ( चिकित्सा अधीक्षक , सेंट जॉर्ज अस्पताल )

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