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जलपति हुईं मुंबई की झीलें! …बारिश ने हर दिन २ प्रतिशत पानी किया डिपॉजिट

•  ४५ दिनों में ८९ प्रतिशत जलाशय भरे
• १८ जून तक ११ प्रतिशत पानी बचा था
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबईकरों की प्यास बुझाने वाली झीलें जलपति हो गई हैं। मतलब मुंबई को जलापूर्ति करने वाले सभी सात जलाशय ४५ दिनों में ८९.०६ फीसदी तक भर चुके हैं, अर्थात बारिश ने हर दिन दो प्रतिशत पानी डिपॉजिट किया। अब इन जलाशयों के लबालब होने के लिए महज ११ फीसदी बारिश के पानी की जरूरत है। गौरतलब है कि इन जलाशयों में १८ जून तक ११ प्रतिशत पानी बचा था। फिलहाल कई दिनों से विश्राम करने के बाद फिर से वरुण देव ने जलाशय क्षेत्रों में बारिश शुरू कर दिया है। इससे जलाशयों के जल स्तर में मामूली वृद्धि हुई है, वहीं संभावना जताई गई है कि जल्द ही जलाशय भरकर बहने लगेंगे, जिसके चलते मुंबई पर एक साल तक जलसंकट नहीं छाएगा।

उल्लेखनीय है कि मुंबईवासियों को अपर वैतरणा, मोडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी समेत सात जलाशयों से जलापूर्ति की जाती है। इन सातों जलाशयों में इस समय १२,८८,९८० एमएलडी जल भंडारण हुआ है।
तेजी से बढ़े जलाशयों का जलस्तर
जुलाई के पहले सप्ताह में हुई भारी बारिश के कारण जलाशयों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। हालांकि कुछ दिनों से बारिश न होने की वजह से यथास्थिति में थे। इसके बावजूद बीते दो सालों की तुलना में इस साल जलाशयों में जल भंडारण अधिक हुआ है। लेकिन जलाशयों के लबालब होने में अभी भी ११ प्रतिशत की कमी है। इस बीच कल दिनभर बादल छाए रहे और कहीं-कहीं बारिश भी हुई।

बीते तीन सालों में ३ अगस्त तक का भंडारण
साल                    एमएलडी             फीसदी
२०२२                  १२,८८,९८०           ८९.०६%
२०२१                  ११,१९,८१५            ७७.३७%
२०२०                   ५,०२,२४२           ३४.७०%

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