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मनपा ने डाला मुंबईकरों के बजट पर डाका … प्रॉपर्टी टैक्स में १५% की बढ़ोतरी! …बढ़े हुए बिल भेजने की हुई शुरुआत

जोरदार विरोध के मूड में मुंबईकर
सामना संवाददाता / मुंबई
भारी महंगाई से जहां आम आदमी परेशान हो रहा है, वहीं मनपा ने मुंबईकरों पर प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ोतरी का बोझ डाल दिया है। इससे १० से १५ फीसदी प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ जाएगा, जिससे आम लोगों की कमर टूटने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि मनपा अधिनियम के अनुसार, हर पांच साल में टैक्स वृद्धि होती है, जो २०२० से रुका हुआ था। इसलिए अब २०२३-२०२४ और २०२५ के लिए बढ़े हुए टैक्स वृद्धि का बिल भेजना शुरू कर दिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि यह बढ़ोतरी राज्य सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू की गई है। इससे ‘घाती’ सरकार के खिलाफ मुंबईकरों में भारी गुस्सा पैâलने की आशंका है।

मुंबई में हर पांच साल में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाया जाता है। साल २०१५ में प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाया गया था। इसके बाद साल २०२० में बढ़ोतरी की उम्मीद की गई थी। लेकिन कोरोना संकट के कारण साल २०२०, २०२१ और २०२२ में टैक्स नहीं बढ़ाया गया। साल २०२२ में मनपा चुनाव की संभावना के कारण इस टैक्स वृद्धि को टाला गया था। लेकिन मौजूदा स्थिति में यह साफ हो गया है कि मनपा ने टैक्स बढ़ोतरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में मुंबईकरों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा। इस टैक्स वृद्धि के लिए मनपा की आंतरिक समिति द्वारा नियम तैयार किए गए थे।
६ हजार करोड़ रुपए की होगी आय
मनपा ने वर्ष २०१० से पूंजीगत मूल्य आधारित कराधान प्रणाली को अपनाया है। मनपा का कहना है कि वर्ष २०२३-२४ में प्रॉपर्टी टैक्स से अनुमानित आय ६ हजार करोड़ रुपए है। न्यायालय के निर्देशानुसार पूंजी मूल्य निर्धारण नियमावली, २०१० और २०१५ के नियम क्रमांक २०, २१ व २२ को अमान्य घोषित कर दिया गया है। मनपा के उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे ऑनलाइन बिल में कहा गया है कि उक्त आदेश सुरक्षात्मक आधार पर जारी किया गया है और पूर्वव्यापी प्रभाव से संपत्तियों का मूल्यांकन / पुनर्मूल्यांकन करने और तदनुसार टैक्स वसूलने का अधिकार सुरक्षित रखा जा रहा है।

 साल २०१० से प्रॉपर्टी टैक्स के नियमों में कानूनी बदलाव करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी करते हुए मनपा ने मुंबईकरों पर भारी टैक्स बढ़ोतरी लाद दी है। यह मुंबईकरों के साथ अन्याय है। मनपा को इस पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। इस संबंध में मनपा आयुक्त प्रशासक इकबाल सिंह चहल को निवेदन दिया गया है।
-आसिफ जकारिया, पूर्व नगरसेवक, (कांग्रेस)

ऐसी है स्थिति
प्रॉपर्टी धारक : ४.२० लाख
निवासी : १.३७ लाख
वाणिज्यिक : ६५ हजार से अधिक
औद्योगिक : ६ हजार
भूभाग और अन्य : १२ हजार

रेडीरेकनर के अनुसार दर वृद्धि
अगले दो साल २०२३-२४ और २०२५ के लिए टैक्स बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इसका मसौदा मनपा के टैक्स मूल्यांकन और संकलन विभाग द्वारा तैयार किया गया है। म्युनिसिपल एक्ट में हर पांच साल में ४० फीसदी टैक्स बढ़ोतरी का प्रावधान है। लेकिन नागरिकों पर अधिक बोझ न पड़े इसके लिए आम तौर पर १५ फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है। टैक्स मूल्यांकन व संकलन विभाग के मुताबिक प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी उस क्षेत्र में रेडी रेकनर रेट के हिसाब से तय की जाएगी।

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