मुख्यपृष्ठनए समाचारगोखले पुल को लेकर मनपा के खोखले वादे! ... फिर नई तारीख,...

गोखले पुल को लेकर मनपा के खोखले वादे! … फिर नई तारीख, तंग आ चुके हैं नागरिक 

 मनपा आयुक्त को लिखा शिकायती पत्र
ट्विंकल मिश्रा
अंधेरी गोखले पुल का निर्माण कार्य मई २०२३ में शुरू किया गया। इसे पूर्ण करने के लिए लगभग दो महीने का वक्त पर्याप्त था। मनपा द्वारा काम पूर्ण करने की समय सीमा कई बार बढ़ाई गई, लेकिन काम अब भी पूरा नहीं हुआ। लगभग ८ महीने बीत जाने के बाद भी मुंबई मनपा की लापरवाही के चलते काम अधूरा पड़ा है। अब एक बार फिर मनपा ने पुल तैयार होने की समय सीमा फरवरी २०२४ तय की है।
मनपा के सिर्फ खोखले वादों से अंधेरी-पश्चिम के निवासी तंग आ चुके हैं। ब्रिज बनने की बार-बार बदल रही तारीख से परेशान होकर नागरिकों ने मनपा आयुक्त को पत्र लिखा है। इस पत्र में गोखले ब्रिज के निर्माण कार्य में हो रही देरी की वजह और प्रतिदिन के कार्य की प्रगति का विवरण जनता के साथ साझा करने का अनुरोध किया गया है। पत्र में मनपा द्वारा दिया गया १७ जनवरी, २०२४ का एक प्रेस नोट भी अटैच किया गया है। उस प्रेस नोट में दावा किया गया था कि गर्डर को नीचे करने का काम १४ जनवरी को पूरा हो चुका है। हालांकि, हकीकत में गर्डर का काम अभी तक नहीं हुआ है। इसकी जानकारी भी स्थानीय लोगों ने पत्र में शामिल की है। साथ ही पत्र में पुल पर रेलवे और मनपा के हिस्सों को जोड़ने सहित बचे हुए काम का भी उल्लेख है।
इंजीनियर को भी है संदेह
वहां पहुंचने पर पता चला कि ब्रिज पर रास्ते के एक लेन का काम लगभग पूरा हो गया है। दूसरे लेन के लिए पीओपी का काम भी शुरू कर दिया गया है, जिसमें ३ महीने का वक्त और लगेगा। मौके पर मौजूद एक इंजीनियर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दूसरी लेन ३ महीने में बन जानी चाहिए, लेकिन शायद ६ महीने भी लग जाएं।
३-४ महीनों तक ठप था काम
वहां के दुकानदारों और निवासियों से बात की तो पता चला कि पिछले ३-४ महीनों से ब्रिज का काम ठप पड़ा हुआ था। जब लोगों ने कई बार शिकायत की तो हाल में काम जोरों से शुरू किया गया।
निश्चित तारीख बताने से इनकार
साइट पर मौजूद एक इंजीनियर ने बताया कि फरवरी तक ब्रिज का एक लेन चालू हो जाएगा, जहां से चार पहिया और दुपहिया वाहनों के लिए आवागमन की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, इंजीनियर ने एक निश्चित तारीख बताने से इनकार कर दिया। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि दाल में कुछ काला है, यानी लोगों को और इंतजार करना पड़ सकता है। इस जानकारी की पुष्टि के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करने कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

ये सरकार की लापरवाही के कारण हुआ है। मनपा प्रशासन ने ध्यान दिया होता तो इतना समय नहीं लगता जितना लगा है। देरी का कारण प्रशासन की ओर से की गई अनदेखी है। ये जो तारीख इन्होंने इस बार आखिरी बोल कर दी है उस पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता। फिर कोई अड़चन आएगी फिर ये कोई नया बहाना बनाएंगे और नई तारीख जनता के सामने रख देंगे। बेहतर होगा यह काम इस बार दी हुई समय सीमा तक कर लें। नहीं तो जनता की नाराजगी इनपर भारी पड़ेगी।
-रुतुजा लटके

अन्य समाचार