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मनपा की लापरवाही : उद्यानों पर आई आफत!

सामना संवाददाता / ठाणे
एक ओर ठाणे शहर में `नमो द ग्रैंड सेंट्रल पार्क’ जैसे नए बड़े पार्क बनाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर मनपा प्रशासन वर्तमान में मौजूदा पार्कों के रख-रखाव में लापरवाही बरत रहा है। इसके चलते घोड़बंदर इलाके का `बायोडायवर्सिटी पार्क’ का हाल बेहाल है। पार्क की मौजूदा तस्वीर देखें तो उखड़े हुए पेवर ब्लॉक, पानी की कमी से सूखते पेड़, जगह-जगह पड़ा कूड़ा, टूटे खिलौने पार्क को बदसूरत बना रहे हैं इसलिए नागरिकों ने नाराजगी जताई है।
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में ठाणे शहर के घोड़बंदर रोड क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ है और इस क्षेत्र में गगनचुंबी इमारतें खड़ी हो चुकी हैं। इसी क्षेत्र में कासरवडवली में मनपा का बायोडायवर्सिटी पार्क है। पार्क में `चाफा’, `सिवन’, `कंचन’, `तमहान’, `पलास’ सहित विभिन्न प्रकार के पेड़ हैं। नागरिकों को इन पेड़ों के बारे में जानकारी आसानी से मिले, इसके लिए पेड़ों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। हरियाली से घिरे इस जैव विविधता पार्क में बड़ी संख्या में नागरिक सुबह-शाम टहलने आते हैं। पार्क में एक तरफ बच्चों के खिलौने भी हैंैं।
सूख गए पौधे
पार्क में भी कुछ पेड़ सूख गए हैं और पार्क में लोगों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। पार्क में लगी पानी की टंकी जो थी वह भी फट गई है। महिलाओं के लिए अलग एवं सुसज्जित शौचालय जर्जर हो गया है। एक ओर जहां ठाणे शहर को बदलने के लिए मनपा की ओर से तरह-तरह के कदम उठाए जा रहे हैं तो दूसरी तरफ ये हाल है। बहरहाल, शहर के पुराने पार्कों की बदहाली के बावजूद यह साफ है कि मनपा प्रशासन पार्कों को दुरुस्त रखने के प्रति उदासीन है।
शराबियों का अड्डा बना पार्क
इस पार्क का समय सुबह ६ बजे से १० बजे और शाम ४ बजे से ७ बजे है। नागरिकों को केवल समय के अनुसार पार्क में जाने की अनुमति होती है। बताया जा रहा है कि पार्क में कभी-कभी शराबी भी आ जाते हैं। पार्क की सुरक्षा दीवार बहुत छोटी के साथ ही तारबंदी भी कुछ स्थानों पर उखड़ गई है। यही वजह है कि शराबी भी पार्क में आते हैं।

उखड़ गए पेवर ब्लॉक
वर्ष २००९ में शुरू हुए इस बायोडायवर्सिटी पार्क आज अपने अस्तित्व खोने की स्थिति में आ गया है। पार्क में जगह-जगह पेवर ब्लॉक उखड़ जाने से नागरिकों को चलने में दिक्कत होती है, वरिष्ठ नागरिकों के गिरने का खतरा होता है। प्लास्टिक की बोतलों और अन्य कचरों से पार्क भरा पड़ा है। पार्क की साफ-सफाई नियमित रूप से नहीं होने के कारण इसकी सुदंरता भी खो गई है।
खिलौना टूट गया
पार्क में बच्चों के लिए खिलौने हैं। हालांकि, खिलौने टूट गए हैं और यहां की एक झोपड़ी भी कुछ दिनों से टूटी हुई है। एक छात्रावास की मरम्मत नहीं की गई। पार्क में खिलौनों की संख्या भी कम हो गई है। पहले पार्क में तीन स्लीपर थे। अब सिर्फ दो जगहों पर शयनगृह हैं। अब सवाल उठ रहा है कि एक शयनगृह कहां चला गया।

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