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डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे मनपा अस्पताल! …भर्ती के नाम पर हो रही समीक्षा

रिक्त हैं २७ फीसदी पद
डॉक्टरों पर पड़ रहा काम का अतिरिक्त बोझ

सामना संवाददाता / मुंबई
बृहन्मुंंबई महानगर पालिका द्वारा संचालित अस्पताल डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन अस्पतालों में अनुबंध पर डॉक्टरों के रखे जाने से करीब २७ फीसदी पद रिक्त होने के बावजूद उन्हें भरने के प्रति मनपा प्रशासन कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। हालांकि, यह जरूर कहा जा रहा है कि रिक्त पदों को भरे जाने के लिए समीक्षा किया जा रहा है। एमपीएससी के मध्यम से जल्द ही परीक्षा आयोजित करने के बाद सभी रिक्तियां भरी जाएंगी। इसके लिए विज्ञापन भी प्रकाशित किया जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि मनपा द्वारा संचालित अस्पतालों में प्रतिदिन पूरे महाराष्ट्र से हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। वहीं प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बृहन्मुंंबई मनपा के अधिकार क्षेत्र में आनेवाले चार नायर, केईएम, नायर डेंटल, सायन और आरएन कूपर अस्पतालों में डॉक्टरों के १,६०६ पदों में से ४३९ पद रिक्त हैं। इसके साथ ही ३२३ पदों पर कई वर्षों से अनुबंध के आधार पर नियुक्त डॉक्टर काम कर रहे हैं। ऐसे में मनपा अस्पतालों में रिक्त पदों के कारण डॉक्टरों पर काम का अतिरिक्त बोझ रहता है। डॉक्टरों का कहना है कि हमें समझ में नहीं आ रहा है कि मनपा अनुबंध के आधार पर डॉक्टरों को नियुक्त करने के बजाय इन पदों को क्यों नहीं भर रही है। एक अधिकारी ने कहा कि हम कई बार इस मुद्दे को अस्पताल प्रशासन और मनपा के सामने ला चुके हैं लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है।
कई डॉक्टर आयु को कर चुके हैं पार
डॉक्टरों की भर्ती होने पर अनुबंध के आधार पर काम करनेवाले डॉक्टरों को काम पर रखा जाएगा। सरकारी सेवा में शामिल होने की आयु खुली श्रेणी के लिए ३८ वर्ष और आरक्षित श्रेणी के लिए ४३ वर्ष है। कई डॉक्टर इस आयु वर्ग को पार कर चुके हैं। ये संविदा डॉक्टर पांच-सात सालों से काम कर रहे हैं।
पदों की हो रही समीक्षा
अतिरिक्त मनपा आयुक्त डॉ. सुधाकर शिंदे ने कहा है कि सभी पदों की समीक्षा की जा रही है। सभी पद महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के माध्यम से जल्द ही भरे जाएंगे।

सालों से सहायक प्रोफेसर पद पर नहीं हुई है भर्ती
मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में डॉक्टर भर्ती का पहला पद सहायक प्रोफेसर का होता है। साथ ही मरीजों की जांच की प्राथमिक जिम्मेदारी इन्हीं प्रोफेसर की होती है। हालांकि कई वर्षों से मनपा अस्पतालों में सहायक प्रोफेसर के पद पर कोई भर्ती नहीं हुई है।

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