मुख्यपृष्ठनए समाचार१.८ लाख बीमार पेड़ों का इलाज करेगी मनपा!

१.८ लाख बीमार पेड़ों का इलाज करेगी मनपा!

सामना संवाददाता / मुंबई । मानसून में तूफान और भारी बारिश के दौरान वृक्षों के गिरने से होनेवाले नुकसान को रोकने के लिए मनपा का उद्यान विभाग मुंबई के सभी वृक्षों का सर्वेक्षण करने में जुट गया है। इस सर्वेक्षण में पेड़ों के सड़नेवाले हिस्सों की पहचान कर उसका ट्रीटमेंट किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो वृक्ष की छंटाई की जाएगी, ताकि मानसून के दौरान नुकसान को कम करने में मदद हो सके। पिछले साल मई में आए चक्रवात `तौकते’ तूफान के दौरान करीब ८०० पेड़ गिर गए थे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह सर्वेक्षण सभी २४ वॉर्डों में चल रहा है। इस सर्वेक्षण में हम जांच कर रहे हैं कि पेड़ों की जड़ों में या टहनियों-शाखाओं में कोई सड़न तो नहीं है। यदि हमें मिलता है तो हम आवश्यकता के अनुसार उनका इलाज करने या उनकी छंटाई करने के तरीकों का पता लगाएंगे। यदि समय पर छंटाई नहीं की जाती है तो ये शाखाएं सड़ जाएंगी और मानसून के दौरान गिर सकती हैं, जिससे जान-माल की गंभीर क्षति हो सकती है। उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी कहा कि वसंत और ग्रीष्म ऋतु कीटों के प्रजनन का मौसम है, इसलिए पेड़ों में संक्रमण होने और खोखला बनने की संभावनाएं अधिक होती हैं। हम कीटों से होनेवाले क्षरण को रोकने के लिए दवाई का छिड़काव कर रहे हैं।
मनपा उद्यान विभाग के प्रमुख जितेंद्र परदेशी ने कहा कि मुंबई में छोटे-बड़े मिलाकर ३० लाख पेड़ हैं, जिनमें से १.८० लाख पेड़ सड़क के किनारे हैं। उन्होंने कहा कि अगले दो महीनों तक निरीक्षण जारी रहेगा। आगामी ३० मई तक निरीक्षण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मनपा ने ठेकेदारों को नियुक्त किया है जो जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण कर रहे हैं। हमने आवासीय सोसायटियों और कॉरपोरेट फर्मों से अपील की है कि वे अपने परिसर में पेड़ों की जांच खुद करें और उनका निरीक्षण करें। यदि किसी सोसायटी या कॉरपोरेट संगठन के पास निरीक्षण करने के लिए संसाधन नहीं हैं तो उन्हें हमसे संपर्क करना होगा, जिसके बाद सोसायटी द्वारा भुगतान की गई कीमत पर छंटाई की जाएगी।

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