मुख्यपृष्ठसमाचारबयान के लिए लखनऊ नहीं आना चाहते मुर्तजा के चाचा

बयान के लिए लखनऊ नहीं आना चाहते मुर्तजा के चाचा

•उम्र का हवाला देकर एटीएस को किया ईमेल
■ गोरखनाथ मंदिर पर हमला प्रकरण
विक्रम सिं / गोरखपुर । विश्वप्रसिद्ध गोरक्षपीठ में पीएसी जवानों पर हमले के आरोपी मुर्तजा अब्बासी के चाचा बयान के लिए लखनऊ नहीं आना चाहते। उन्होंने उम्र का हवाला देकर एटीएस से गोरखपुर में ही बयान दर्ज करवाने का अनुरोध किया है।

गोरखनाथ मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मियों पर हमले के आरोपित अहमद मुर्तजा अब्बासी के चाचा डॉ. खालिद अहमद अब्बासी दूसरे दिन भी एटीएस के हेड ऑफिस, लखनऊ में पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। हालांकि, वह लगातार दूसरे दिन गोरखपुर स्थित एटीएस कार्यालय गए पर यहां उनका बयान नहीं दर्ज हुआ। इससे पूर्व वह अपने ई मेल के जवाब का इंतजार करते रहे। उन्होंने कानून को आधार पर ही उम्र का हवाला देकर गोरखपुर में ही पूछताछ/बयान दर्ज करने का एटीएस से ईमेल कर अनुरोध किया है। फिलहाल एटीएस का अभी उनके ईमेल का कोई जवाब भी नहीं आया है।
पीएसी जवानों पर हमले का आरोपी मुर्तजा शहर के मशहूर डॉक्टर खालिद अहमद अब्बासी का भतीजा है। मुर्तजा की जांच करने २ अप्रैल को जब एटीएस के लोग अधिवक्ता बनकर उसके घर गए थे तो उनकी मुलाकात डॉक्टर अब्बासी से ही हुई थी। डॉक्टर को शक हुआ और जब उनके बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि अधिवक्ता नहीं बल्कि वे पुलिसकर्मी थे। उन्होंने अपने भतीजे मुर्तजा के पास फोन कर एटीएस द्वारा पूछताछ करने के बारे में पूछा। उसके बाद ही मुर्तजा घर से भाग गया और अगले दिन यानी ३ मार्च को गोरखनाथ मंदिर पर पहुंच कर बांकी से सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया।
इस पूरे प्रकरण में पूछताछ करने के लिए डॉ. खालिद अब्बासी को भी एटीएस के विवेचक दिनेश कुमार पाण्डेय ने भारतीय दंड प्रकिया संहिता की धारा १६० के तहत ८ अप्रैल को नोटिस जारी कर ९ अप्रैल को लखनऊ स्थित एटीएस मुख्यालय पर बुलाया था। गोरखनाथ मंदिर की घटना का जिक्र करते हुए विवेचक ने विवचेना में पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें तलब किया है। साथ ही उनसे अपना आधार कार्ड, पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य सभी ​जरूरी दस्तावेज साथ लेकर आने को कहा था। एटीएस की तरफ से यह हिदायत भी दी गई है कि नोटिस मिलने के बाद भी निर्धारित तिथि को बयान दर्ज कराने न आने पर धारा १७४ के तहत विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
उम्र का हवाला देकर लखनऊ नहीं जा रहे डॉक्टर अब्बासी
डॉ. खालिद अहमद अब्बासी ने एटीएस के नोटिस का ईमेल से जवाब दिया और १६० सीआरपी के तहत नियमों का हवाला देते हुए कहा कि उनकी उम्र ६० साल से अधिक है। ऐसे में अधिक उम्र के व्यक्ति को नियम के तहत उन्हीं के शहर के में ही बयान दर्ज कराया जाए। इसके साथ ही वह शनिवार को पुलिस लाइंस स्थित एटीएस दफ्तर पहुंच गए और वहां मौजूद अधिकारियों के समक्ष पेश हो गए। लेकिन किसी सक्षम अधिकारी के न होने की वजह से उनका बयान नहीं दर्ज हो सका। इस पर उन्होंने ईमेल से रिमांडर भी भेजा लेकिन कोई जवाब नहीं आया। उसके बाद रविवार को भी वह गोरखपुर स्थित एटीएस दफ्तर पहुंचे।

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