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मुसलमान लगाएंगे ‘सुप्रीम’ गुहार! … ज्ञानवापी पर कानूनी लड़ाई तेज करने के संकेत

सामना संवाददाता / लखनऊ
इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद में ‘एएसआई’ सर्वेक्षण को मंजूरी देने के बाद मुस्लिम पक्ष अब सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाएगा। इसके साथ ही मुस्लिम पक्ष ने इस मामले में लड़ाई तेज करने का संकेत दिया है।
मुस्लिम पक्ष का कहना है कि पैâसले की कॉपी का गहन अध्ययन करने के बाद वे सुप्रीम कोर्ट में न्याय की गुहार लगाएंगे। बताया जा रहा है कि संभवत: आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो सकती है।
बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के पैâसले के बाद जहां हिंदू पक्ष और संत समाज के लोग उत्साहित हैं, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष आदेश के अध्ययन के बाद आगे की रणनीति बनाने में जुट गया है। इस मामले में अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमिटी के सचिव मोहम्मद यासीन ने कल कहा, ‘हम हाई कोर्ट के आदेश की कॉपी का अध्ययन कर रहे हैं। इसके बाद हम आगे की रणनीति तय करेंगे।’ यासीन ने कहा, ‘पैâसला चाहे कुछ भी आए लेकिन मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे शांति-व्यवस्था और आपसी प्रेम-सौहार्द बनाये रखें।’ दूसरी तरफ हिंदू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने कहा, ‘हाई कोर्ट के पैâसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कह रहा है। ऐसे में हम भी सुप्रीम कोर्ट में वैâवियट दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं।’
बता दें कि इसके पहले मुस्लिम पक्ष इस सर्वे पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा चुका है। तब कोर्ट ने सर्वे पर दो दिन के लिए रोक लगाते हुए मस्जिद कमिटी को हाई कोर्ट जाने को कहा था। इसके बाद मुस्लिम पक्ष हाई कोर्ट गया था। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी।

बौद्ध धर्मगुरु ने भी ठोका दावा
एक बौद्ध धर्म गुरु ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर कर दावा किया है कि ज्ञानवापी न मंदिर है और न ही मस्जिद, बल्कि यह एक बौद्ध मठ है। बौद्ध धर्म गुरु सुमित रतन भंते के मुताबिक, देश में तमाम ऐसे मंदिर हैं, जो बौद्ध मठों को तोड़कर बनाए गए हैं। ज्ञानवापी में पाए गए त्रिशूल और स्वस्तिक चिह्न बौद्ध धर्म के हैं। ज्ञानवापी में जिसे ज्योतिर्लिंग बताया जा रहा है, वह बौद्ध धर्म के स्तूप हैं।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दी सर्वे की अनुमति
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कल ज्ञानवापी मस्जिद के एएसआई सर्वे की अनुमति दे दी। इससे हिंदू पक्ष काफी उत्साहित नजर आया। वाराणसी के जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए ‘एएसआई’ की टीम का पूरा सहयोग किया जाएगा। इसके पूर्व गत २१ जुलाई को वाराणसी जिला जज ने ज्ञानवापी के एएसआई सर्वे का आदेश दिया था। तब मुस्लिम पक्ष ने पहले सुप्रीम कोर्ट फिर हाईकोर्ट में इस सर्वे के पैâसले को चुनौती दी थी। कल हाई कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा, ‘न्यायहित में एएसआई का सर्वे जरूरी है। कुछ शर्तों के तहत इसे लागू करने की जरूरत है।’

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