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सदन में नहीं लाए जाते मेरे ध्यानाकर्षण प्रस्ताव!… अधिकार का किया जा रहा हनन, भास्कर जाधव ने जाहिर किया गुस्सा

राज्य का शीतकालीन सत्र नागपुर में चल रहा है। इस सत्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) विधायक भास्कर जाधव ने इस बात पर गुस्सा जाहिर किया है कि उनके ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को तवज्जो नहीं दी जा रही है। यही कारण है कि उन्हें सदन में नहीं लाया जा रहा है। इस सत्र में भी मेरा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव नहीं लाया गया। ऐसा मेरे साथ हर समय हो रहा है। भास्कर जाधव ने आरोप लगाया कि मेरे अधिकार का हनन किया जा रहा है।
भास्कर जाधव ने कहा कि मुझे सदन में बोलने तो दिया जा रहा है लेकिन मेरे ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को नहीं लाया जा रहा है। मैं आपका अभिनंदन इसके लिए करना चाहता हूं कि इस सत्र में ७ दिसंबर को मेरा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया गया था। लेकिन किन्हीं कारणों से उसे आगे खिसका दिया गया। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव यदि आगे खिसकाया जाता है तो उसे दूसरे या तीसरे दिन फिर से सदन में लाया जाता है। लेकिन इस बार भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव नहीं लाया गया। यह मेरे साथ हमेशा हो रहा है। मेरे अधिकारों का हनन हो रहा है। चार-पांच साल पहले हुई घटनाओं पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाते हैं। यह अध्यक्ष की ओर से मुझ पर और निर्वाचन क्षेत्र की जनता पर अन्याय है। उन्होंने कहा कि मैंने अनुरोध किया कि वह अन्याय न करें। भास्कर जाधव ने यह भी कहा कि मैं उन्हें बधाई देकर उनका और कुर्सी का अपमान नहीं करना चाहता।

मामले की होगी जांच

विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कहा कि भास्कर जाधव के ध्यानाकर्षण को आगे खिसकाए जाने के कारणों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब सदस्य सदन में उपस्थित नहीं होते हैं, तो हम सदस्यों के अनुरोध पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को स्थगित कर देते हैं या सदस्य के आग्रह पर आगे खिसका देते हैं। मंत्री के उपस्थित न होने अथवा उत्तर प्राप्त नहीं होने के कारण इसे आगे खिसकाया जाता है। हालांकि, उनके ध्यानाकर्षण प्रस्ताव को बुधवार के कार्य में लिया जाएगा।

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