तपती धूप

दस्ताने पहन लेने से जो बच जाती
त्वचा तपती धूप में जलने से तो
उस जलन से वैâसे बच पाती जो
आंसुओं के गिरन से जल जाती
बाएं हाथ की कलाई पर तिल है
इस तन्हा दुपहरी में मेरा साथी
देह पर तिलों का काम सुंदरता को
बढ़ाना नहीं बल्कि ध्यान भंग करना है
तिल से उठती है बात, अधरों तक जाती है
अटकती है मुस्कुराहटों में और मुस्कुराहटें?
वे कहां जाती हैं?
मुस्कुराहटें देखो मधुबन में खिल रही हैं
पेड़ों की शाखों पर कितनी मुस्कुराहटें हैं
हरी, पीली, हल्की पीली, भूरी, सुनहरी
देखो गिरी एक मुस्कुराहट तुम्हारे कदमों में
जैसे गिरती है अंतरिक्ष से कोई मन्नत।
-अमन कुमार, आजमगढ़

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